कासगंज में पुलिस अभिरक्षा में युवक अल्ताफ की मौत के मामले में उसके चाचा अबरार ने पुलिस पर आरोप मढ़े हैं। साफ कहा है कि पुलिस ने जबरन पत्र लिखवाया, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर फांसी की आवाज उठाई।
बृहस्पतिवार देर शाम वे एक कार्यालय में प्रेस से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस पिटाई से मौत हो आत्महत्या करार दिया जा रहा है। पूरी तरह पर्दा डालने की कोशिश हो रही है। अब परिवार पर दबाव भी बनाया जा रहा है। अगर ये सच नहीं है तो पुलिस खुद बताए कि परिवार को पांच लाख रुपये किस बात के लिए दिए गए हैं। मतलब साफ है कि परिवार को चुप रहने के रुपये दिए गए हैं। उन्होंने ऐलान किया कि हम दस लाख देंगे, वे अपने एक व्यक्ति को खुद मार लें। परिवार से गलत तरीके से अंगूठा लिखवाकर ये सब किया गया है।
इन लोगों को फांसी दी जाए। इस मौके पर परचम पार्टी के नाजिम अली व रालोद के राजा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आज परिवार को भी यहां बुलाने का प्रयास किया। क्योंकि वहां परिवार सुरक्षित नहीं है। मगर पुलिस ने परिवार को नहीं आने दिया। हम इस मुद्दे को उठाएंगे।