मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर एक बजकर 49 मिनट पर पीएसी के पास स्थित गांव देवसैनी से सटी गोकुलेश पुरम कॉलोनी में कोरोना संक्रमित मरीजों का हाल जानने पहुंचे। यहां रिटायर्ड चीफ फार्मासिस्ट अंबरीश पाठक और विहिप के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य कुलदीप आर्य से महज दो मिनट बात की। इसके बाद वह अपनी कार में बैठकर वहां से निकल गए। इस पास के ही पार्क में सैंपलिंग टीम मुख्यमंत्री का इंतजार करती रह गई, जबकि यहां पहुंची आशा कार्यकर्ताओं को भी निराशा हाथ लगी।
गांव देवसैनी से सटी गोकुलेशपुरम कॉलोनी निवासी रिटायर्ड चीफ फार्मासिस्ट अंबरीश पाठक की बेटी सोनिका पाठक, दामाद विश्वदीपक शर्मा व बेटा युधिष्ठिर पाठक होम आइसोलेट हैं। 30 अप्रैल को ये सभी कोरोना पॉजिटिव हुए थे। मुख्यमंत्री जैसे ही गोकुलेशपुरम कॉलोनी पहुंचे, वैसे ही अधिकारियों ने अंबरीश पाठक और कुलदीप आर्य को बातचीत के लिए आगे कर दिया।
मुख्यमंत्री ने पूछा कि आप सभी लोग कैसे हैं। आइसोलेट नियमों का पालन करने के साथ ही पूछा कि सभी मरीजों के लिए क्या अलग अलग कमरे हैं, अलग लैट्रिन-बाथरूम हैं? इस पर बताया गया कि हां, सभी अलग-अलग रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सलाह दी कि समय-समय पर ऑक्सीजन सैचुरेशन चेक करते रहें और भाप भी लें।
कोई दिक्कत हो तो हेल्पलाइन पर फोन करें। हेल्पलाइन से आने वाली कॉल को सही सूचना दें। ईश्वर सभी को जल्द स्वस्थ करेगा। करीब दो मिनट चली बातचीत के बाद मुख्यमंत्री अपनी कार में बैठ कर वहां से निकल गए।
इस दौरान मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए आईं आशा कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी। वहीं, लोधा सीएचसी की सैंपलिंग टीम पार्क में ही उनका इंतजार करती रह गई, जबकि मुख्यमंत्री सीधे हेलीपैड के लिए रवाना हो गए।
जिंदगी में पहली बार मुख्यमंत्री से हुई है मुलाकात
मुख्यमंत्री के जाने के बाद अंबरीश पाठक ने कहा कि जीवन में पहली बार मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात हुई है। ऐसा लगा मानो प्रजा के यहां हालचाल लेने राजा आया हो। उनके आगमन से हमारे घर के लोग इतने प्रसन्न हैं कि जल्द ही सभी स्वस्थ हो जाएंगे।