आशीष निगम, अलीगढ़।
सवा चार महीने के अंदर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एएमयू इंतजामिया से सीधे वार्ता कर उनका मनोबल बढ़ाया। सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास के नारे को बल दिया।
बीती 22 दिसंबर को एएमयू के शताब्दी वर्ष समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने एएमयू की शान में कसीदे पढ़े थे। एएमयू को मिनी इंडिया बताया था। ठीक सवा चार महीने बाद सीएम योगी एएमयू पहुंचे और उन्होंने इंतजामिया को सरकारों और प्रशासन के साथ बेहतर संबंध बनाने का पाठ पढ़ाया। पीएम मोदी की सलाह पर ही सीएम योगी एएमयू आए।
मुख्यमंत्री ने जेएन मेडिकल कॉलेज सभागार में कहा कि विवि इंतजामिया अगर सांसद से संबंध बेहतर रखती है तो केंद्र सरकार से अच्छी मदद मिलती है। विधायकों से दोस्ती रखते हैं तो राज्य सरकार में उनके काम नहीं रुकते। स्थानीय प्रशासन से संबंध बेहतर हो तो कोई भी समस्या से निपटा जा सकता है। इसलिए कोरोना मरीजों की अधिक से अधिक जानकारी सांसद और विधायकों के साथ साझा करें। जिससे एएमयू में बेहतर संसाधन विकसित करने में मदद मिले।
उन्होंने टीकाकरण पर जोर देते हुए कहा कि रूढ़िवादी सोच को त्यागकर वैज्ञानिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। समाज देश दुनिया को शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से ही संदेश मिलते हैं। अगर पढ़े लिखे लोग ही टीकाकरण में आगे नहीं आएंगे तो बाकी को कैसे समझाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एएमयू शिक्षकों के निधन को लेकर सत्यता जांचने में पता चला कि कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले शिक्षकों ने टीका नहीं लगवाया था। जबकि यही टीका ही एकमात्र सुरक्षा कवच है। यही हमें सुरक्षित रखेगा, इसलिए सभी लोग अपनी बारी आने पर टीका अवश्य लगाएं। सीएम अप्रत्यक्ष रूप से सभी समुदायों के लोगों को टीकाकरण में आगे आने का संदेश दे रहे थे।
दरअसल, सीएम ने एएमयू को ही बैठक स्थल दो वजहों से चुना। पहला वृहद टीकाकरण का आह्वान हो सके, जिसको मीडिया के माध्यम से देश विदेश में प्रचारित किया जा सके। दूसरा एएमयू इंतजामिया और
भाजपा नेताओं के बीच दोस्ताना संबंध बनाने की पहल हो सके। हालांकि ये राजनीतिक पहल कितनी कारगर होगी..? ये आने वाले वक्त में तय होगा।
हां, ये जरूर हुआ है कि पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ तक भाजपा के दों शीर्ष नेताओं ने इस रास्ते पर सोचा समझा कदम बढ़ाया है, ताकि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की समुदाय विरोधी छवि को वैश्विक स्तर पर सुधारा जा सके।