अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में 30 घंटे के बाद जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल डॉक्टरों की मांगों को पूरा किए जाने के आश्वासन, इंतजामिया और प्रशासनिक अधिकारियों के सख्त रवैये पर खत्म हो गई। 28 अगस्त की रात 8:30 बजे इमरजेंसी में शीघ्र उपचार को लेकर छात्र और जूनियर डॉक्टरों से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। इसके बाद जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। तीन दिन में 1100 मरीज बिना इलाज कराए लौट गए।
28 अगस्त की रात करीब साढ़े आठ बजे बीएएलएलबी के छात्र अपने साथी का इलाज कराने के लिए इमरजेंसी में गए थे। यहां शीघ्र उपचार को लेकर जूनियर डॉक्टरों से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। घटना के बाद डॉक्टरों ने इमरजेंसी की सेवाएं ठप कर दीं थीं और गेट पर ताला लगा दिया था। जूनियर डॉक्टरों को 29 अगस्त को भी मनाने की कोशिशें होती रहीं। इंतजामिया ने डॉक्टरों के साथ मारपीट करने के आरोपी बीएएलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र मोहम्मद मुज्तबा को निलंबित कर दिया। फिर भी हड़ताल जारी रखने के जिद
पर डॉक्टर अड़े रहे। रात 9 बजे डॉक्टरों की जीबीएम हुई, उसमें भी हड़ताल खत्म करने पर रजामंदी नहीं बन पाई। रात 11 बजे प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली, एडीएम सिटी, एसपी सिटी, डीन, प्रिंसिपल ने जूनियर डॉक्टरों से हड़ताल खत्म करने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। जब इंतजामिया और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल जरूरी सेवा में आती है, इसलिए वह हड़ताल नहीं कर सकते हैं। इंतजामिया और अधिकारियों की सख्ती के चलते जूनियर डॉक्टरों ने 30 अगस्त को तड़के 3 बजे हड़ताल खत्म कर दी। सुबह 9 बजे ओपीडी, वार्डाें में अपनी ड्यूटी पर डॉक्टर पहुंच गए। डॉक्टरों ने प्रॉक्टर को मांग पत्र सौंपा है। आरोपी छात्र के खिलाफ तहरीर देने के लिए जूनियर डॉक्टर ने मना कर दिया। कहा, उस पर निलंबन कार्रवाई हो चुकी है।
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 30 अगस्त तड़के 3 बजे खत्म हो गई। उन्होंने मांगपत्र इंतजामिया को सौंपा है। न्यायोचित मांगें पूर्ण की जाएंगी।-प्रो. सैयद अमजद अली रिजवी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, जेएन मेडिकल कॉलेज
ये हैं रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की मांगें
- ट्रॉमा पर जूनियर डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पूर्व फौजियों की नियुक्ति हो।
- प्रकरण की जांच हो।