एएमयू के छात्र नेता जैद शेरवानी ने कहा कि जूनिर डॉक्टरों की हड़ताल से आमजन को बहुत नुकसान होता है। अब हड़ताल खत्म होनी चाहिए, लेकिन आरडीए में बैठे नेताओं को अपनी राजनीति चमकानी थी, तो हड़ताल को वापस लेने के लिए कुछ नई मांगें रख दी गईं। उन्होंने कहा कि प्रशासन आरडीए में फर्जी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे या उन्हें निलंबित करे। हड़ताल खत्म नहीं होती है तो तिब्बिया कॉलेज के डॉक्टर जेएनएमसी आएं और यहां मरीजों का इलाज करें।
हड़ताल करना अपराध है : आगा
कांग्रेस नेता इंजी. आगा यूनुस ने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन सेवाएं ठप करना जघन्य अपराध है। जनता को मिले स्वास्थ्य के अधिकार कानून पर कुठाराघात है। डॉक्टरों को बिलखते मरीज, तड़पते मरीज नहीं दिखते। लोगो की जान के साथ खिलवाड़ नहीं बर्दाश्त किया जाएगा। पुलिस प्रशासन को बिना किसी दबाव के जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर डॉक्टर के साथ एकतरफा मारपीट की गई है तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
डॉक्टरों को किया जाए बर्खास्त : राजा
कांग्रेस के नेता राजा भैया ने शिक्षा मंत्रालय को पत्र भेज कर जेएन मेडिकल कॉलेज में हड़ताल करने वाले जूनियर डॉक्टरों को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रोजाना सैंकड़ों मरीज मेडिकल से मायूस हो कर लौट रहे हैं। केंद्र सरकार मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को लाखों रुपये का वेतन देता है, लेकिन आए दिन यही डॉक्टर हड़ताल कर देते हैं। हड़ताल खत्म न हुई तो प्रशासनिक भवन पर युवा कांग्रेसी धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।