गिरोह के जालसाज अलग-अलग वेबसाइट से लोगों का डाटा इकट्ठा करते थे। कॉल सेंटर से इन लोगों को लगातार फोन कर कर्ज के लिए लुभावने ऑफर दिए जाते थे। इसके लिए ये लोग सोशल मीडिया का भी सहारा लेते थे। जो भी इनके झांसे में आता था। उनसे ठगी कर नंबर ब्लॉक कर देते थे। लोन दिलाने के नाम पर कई बार विज्ञापन भी देते थे। कुछ लोग विज्ञापन में दिए संपर्क नंबर के आधार पर इनसे संपर्क करते थे।
शहरों में बना रखे थे एजेंट, कॉल सेंटर कर्मियों को 20 हजार का वेतन
गिरोह के सरगना विपिन ने कई शहरों में एजेंट भी बनाए थे। एजेंट कमिशन के बदले में ग्राहकों की तलाश करते थे। सरगना गिरोह के बदमाशों को को 20 हजार रुपये प्रतिमाह देता था। इसके अलावा सभी को कमीशन दिया जाता था। हाल ही में बीते दिनों एक व्यक्ति ने सेक्टर-63 थाने थाने में मामले की शिकायत की थी।
एक साल से नोएडा में कर रहे थे फर्जीवाड़ा
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी करीब एक साल से सेक्टर-63 की बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे। आरोपियों के तीन बैंक खातों में 5.82 लाख, 4.60 लाख रुपये और 4.22 लाख रुपये मिले। इस धनराशि को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। इसके साथ ही अन्य बैंक खातों की जांच की जा रही है।