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Aligarh News: श्रीसम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने के विरोध में जैन समाज सड़कों पर उतरा

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रामलीला मैदान से निकाली गई श्री पार्थ जैन समाज द्वारा महारैली में प्रदर्शन करते बच्चे। संवाद - फोटो : CITY OFFICE
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जैन समाज के तीर्थराज श्री सम्मेद शिखरजी को झारखंड सरकार द्वारा पर्यटक स्थल घोषित कर देने को लेकर जैन समाज में भारी आक्रोश है। पूरे देश में इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को जीटी रोड स्थित रामलीला मैदान से महारैली निकाली गई। इस दौरान जैन समाज के कारोबारियों ने विरोध में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए जैन धर्मावलंबियों ने पहले रामलीला मैदान में सभा की।
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जिसमें जैन समाज के बाल ब्रह्मचारी राकेश भैया, पूर्व शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन, सांसद सतीश गौतम, शहर विधायक मुक्ता राजा, पूर्व विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पराशर, विधान परिषद सदस्य डॉ. मानवेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, भाजपा नेता ठा. श्योराज सिंह, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य अनीता जैन, भाजपा के ब्रज प्रांत संयोजक डॉ. राजीव अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत आदि शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने कहा कि झारखंड सरकार को समाज की भावनाओं का ख्याल रखते फैसला वापस लेना चाहिए।
बरौली विधायक ठा. जयवीर सिंह ने अपने समर्थन पत्र के माध्यम से जैन समाज की मांगों को उचित ठहराया। वक्ताओं ने बताया कि झारखंड सरकार की तरफ से एक गजट जारी किया गया है। नोटिस में सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल (ईको टूरिज्म प्लेस ) बनाने की बात कही गयी है। यह जैन समाज की धार्मिक भावनाओं पर कुठाराघात है।
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गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनार पर्वत, पावागढ़, और पालीताणा तीर्थ क्षेत्र पर भी असामाजिक तत्वों द्वारा छेड़छाड़ की घटनाएं हो चुकी है। यहां तक कि प्रतिमाओं को भी खंडित किया जा चुका है। यदि इस पवित्र तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाया जाता है तो समाज की आस्था पर असर पड़ेगा । पर्यटन स्थल पर लोग भक्ति के लिए नहीं, बल्कि मनोरंजन के लिए जाते हैं, जबकि तीर्थ क्षेत्र पर सिर्फ पूजन की भावना रहती है।
सांसद सतीश गौतम ने कहा कि यह समाज सूर्यास्त के बाद अन्न तक नहीं खाता, लेकिन श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल घोषित करने के बाद वहां रात में मांस, मदिरा का सेवन होगा । उन्होंने झारखंड सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग रखी।
कोल विधायक अनिल पाराशर माता वैष्णो देवी, हरिद्वार, ऋषिकेश की तरह सम्मेद शिखर को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग रखी। विधान परिषद सदस्य डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार को पर्यटन स्थल घोषित न करने का प्रस्ताव भेजे। पूर्व विधायक संजीव राजा ने कहा कि कोई भी सरकार किसी भी धर्म की भावनाओं को आहत नहीं कर सकती है। डॉ. राजीव अग्रवाल ने जैन समाज के प्रत्येक आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का भरोसा दिलाया ।
इसके बाद शुरू हुई महारैली रामलीला मैदान से दुबे का पड़ाव, कंपनी बाग चौराहा, अग्रसेन चौराहा पहुंची। जहां अग्रवाल युवा संगठन के गौरव अग्रवाल, राहुल गोयल, राहुल अग्रवाल, प्रांजल गर्ग, भरत अग्रवाल एवं सौरभ अग्रवाल सिक्स संस के नेतृत्व में फूल मालाओं से महारैली का स्वागत किया गया । कलेक्ट्रेट पहुंचने पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं झारखंड सरकार को संबोधित एक ज्ञापन एसीएम द्वितीय सुधीर कुमार सोनी को सौंपा गया । महारैली में सैंकड़ों की संख्या में मौजूद महिला,पुरुष एवं बच्चे हाथों मे नारे लिखी तिख्तियां लेकर चल रहे थे। जिस पर लिखा था.. आस्था पर कुठाराघात, नहीं सहेगा जैन समाज, शिखरजी को पर्यटक स्थल घोषित करने का निर्णय वापस लो..।
महारैली में हरदुआगंज, अतरौली, सासनी, हाथरस आदि स्थानों से जैन समाज के अनुयायी शामिल हुए । मंगलायतन संस्था से भी मंगलार्थी शामिल हुए। जिसमें पावना ग्रुप के डायरेेक्टर स्वप्निल जैन ने सहयोग देते हुए बसों की व्यवस्था की । महारैली में प्रधानाचार्य अंबुज जैन, मुनेश जैन, सुरेश कुमार जैन, मुकेश जैन आरएमडब्ल्यू, कैलाश चंद जैन, ओम प्रकाश जैन, मयंक जैन, अनिल श्रीजी, अजय कुमार जैन, डॉ. पीके जैन, नरेश कुमार जैन, सासनी से दीपक कुमार जैन, अनंज्य कुमार जैन, अतरौली से देव कुमार जैन, प्रद्युम्मन कुमार जैन, मोहित जैन, कुणाल जैन, विशाल जैन, संयोजक राजीव कुमार जैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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