यह समस्या न केवल पेट और लीवर रोगियों की संख्या बढ़ा रही है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कीटाणु और टॉक्सिन सीधे सब्जियों-अनाज के जरिये शरीर में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे पेट, किडनी व लीवर से लेकर हार्ट तक की समस्या हो रही है।-डॉक्टर अतहर कमाल, हृदय रोग विशेषज्ञ
सिंचाई के दौरान हैवी मेटल दूषित जल से सब्जियों व अनाज से होकर हमारे शरीर में पहुंचते हैं, इनके सेवन से कीटाणु शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। यहां हर दूसरा मरीज गैस्ट्रो बीमारी से पीड़ित है।-डॉ. अभिनव वर्मा, पेट रोग विशेषज्ञ
फैक्टरियों से निकलने वाला पानी विभिन्न प्रकार के केमिकल होते हैं। ऐसे में बिना ट्रीट किए इस पानी का सिंचाई के लिए प्रयोग करना गलत हैं। इन सब्जियों व फलों का सेवन सबसे ज्यादा खतरनाक है।-डॉ. संजय तायल, फिजिशियन
नालों के पानी से होने वाली सब्जियों और अनाज के सेवन से बच्चों की रोग प्रति रोधक क्षमता खत्म सी हो जाती है। ब्लड के भीतर टॉक्सिन समाप्त करने वाले केमिकल भी इसी नाले में बहाए जा रहे हैं। इससे बच्चों में पैदाइशी बीमारी हो रही है।-डॉ. विभव वार्ष्णेय, बाल रोग विशेषज्ञ
दूषित पानी से सींची जा रहीं सब्जियों और अनाज में न्यूट्रीशनल एलीमेंट विटामिन, जिंक, सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे तत्वों की भारी कमी हो जाती है।यह सेहत में लिए हानिकारक है और इससे शारीरिक विकास रुक जाता है।-डॉ. उमाशंकर वार्ष्णेय, एमडी पैथालॉजिस्ट
खैर रोड व पुराना मथुरा रोड बाइपास पर स्थित मीट फैक्टरियों को पानी नालों डिस्चार्ज करने की अनुमति हैं। समय-समय पर इसकी जांच भी होती है। मृत मुर्गा आदि को नालों में फेंकना गलत है। जिम्मेदार विभाग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।-विश्वनाथ शर्मा, आरओ, प्रदूषण