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...और अब अलीगढ़ निर्मित इंटरनेट स्मार्ट लॉक

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इंटरनेट से चलने वाला ताला। - फोटो : CITY OFFICE
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आशीष निगम
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तालानगरी स्मार्ट सिटी में और यहां के ताले तेजी से स्मार्ट लॉक में बदल रहे हैं। ताले के लगभग डेढ़ सौ साल के सफर में इंटरनेट से खुलने और बंद होने वाले ताले ईजाद हो चुके हैं। इंटरनेट से इन तालों को चलाने के लिए हर महीने 180 रुपये का सब्सक्रिप्शन लेना होता है। ये ठीक उसी तरह से है, जैसे हम अपने मोबाइल या टीवी को रिचार्ज कराते हैं। आमेजन वेब सर्विसेज, माइक्रोसॉफ्ट अजूरे, गूगल वेब सर्विसेज, ब्लिंक फ्री आदि कंपनियां ये सर्विस दे रही हैं।
इस ताले की कीमत 2200 रुपये तक आती है। इस ताले के तीन पार्ट होते हैं रायटर, चिप और ताला। इसमें ईएसपी 01 चिप प्रयोग होती है, जो चीन निर्मित है। इसी चिप में ताले से संबंधित ग्राहक के मनमुताबिक प्रोग्राम फीड हो जाता है, जिसे इंटरनेट के जरिए पढ़ कर ताला ऑटोमेटिक ऑपरेट होता है। ये सुविधा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईटीओ) के माध्यम से मिलती है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर अंडला में इसका डिस्प्ले कराने की तैयारी हो रही है। जिससे अलीगढ़ की इस उपलब्धि को देश दुनिया में फैलाया जा सके।
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इंटरनेट से चलित ताले के साथ ही अब थंब इप्रेशन लॉक, स्मार्ट कार्ड लॉक, मोबाइल टू मोबाइल ऑपरेटेड लॉक पर भी काम हो रहा है। बहुत जल्द इनके प्रोजेक्ट भी सामने होंगे। थंब लॉक बनाने में सबसे बड़ी समस्या इसके कैपेसेटिव फिंगरप्रिंट सेंसर को लेकर हो रही है, क्योंकि देश में ये सेंसर नहीं बनता है। सेमी कंडक्टर बेस्ड ये सेंसर केवल चीन में बन रहा है। चीन इस सेंसर को न देकर पूरा ताला देता है। अलग से सेंसर मांगने पर उसकी कीमत बहुत ज्यादा होने के कारण इसका ज्यादा प्रयोग नहीं हो रहा है। मोबाइल टू मोबाइल ऑपरेटेड लॉक में ग्राहक अपने किसी साथी को उसको ऑपरेट करने का अधिकार दे सकता है। इसमें ताले को खोलने का प्रोग्राम किसी दूसरे को मोबाइल पर ट्रांसफर हो सकता है। ये सुविधा कुछ देर के लिए होती है, इसमें भी इंटरनेट का प्रयोग होता है। इसी कड़ी में स्मार्ट कार्ड लॉक हैं, जिनका प्रयोग होटलों में हो रहा है। इधर, सीएनसी की कंप्यूटराइज्ड बेस्ड चॉबियों के अनुसार ताले का प्रोग्राम और चॉबी की लॉट की भी प्रोग्रामिंग हो रही है। सुबह आर्डर देने पर शाम तक ताले का प्रोग्राम बन जाता है। इसकी खासियत ये है कि इसमें जरूरत के अनुसार ही कांबीनेशन बनाया जा सकता है, जिससे अलग-अलग तरह की चाबियां और ताले बन सकें। माल भी ज्यादा डंप न हो। इस प्रोग्राम का इस्तेमाल अब बढ़ने लगा है।
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नए जमाने के स्मार्ट लॉक्स
1-इंटरनेट ऑपरेटेड लॉक्स
2-मोबाइल टू मोबाइल बाया इंटरनेट
3-थंब टच हाथों से संचालित
4-स्मार्ट कार्ड होटल में लगने वाले
इंटरनेट से चलने वाले ताले को बना कर जिला उद्योग केंद्र में उसका प्रोजेक्ट दिया है। सरकार से वित्तीय मदद मिले तो इसका बड़ी तादाद में उत्पादन हो सकता है। ज्यादा उत्पादन होने पर इसकी उपलब्धता हो सकेगी। अभी इसकी उपलब्धता ज्यादा नहीं है। हमारी कंपनी अंडला डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में इसका डिस्प्ले कराएगी।
-विकास ब्रिजकसौली, डिफेंस सप्लाई सेंटर

इंटरनेट से चलने वाले ताले में लगने वाला राइटर और चिप।- फोटो : CITY OFFICE

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