दो सिपाही व दो पीएसीकर्मियों पर मिस कंडक्ट की कार्रवाई की गई। तीन छात्र पुरानी चुंगी के नसीर को 25 हजार, कोशांबी कमालपुर के मो.तंजीम को 10 हजार, सुलेमान हॉल के अयाज अंसारी को 10 हजार मुआवजा दिया गया। एमएम हॉल के तारिक, बीएम हॉल के तबरेज व एसएस साउथ के नदीम ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया।
अलीगढ़ में उपद्रव के बाद तीन माह तक रहा था तनाव
15 अगस्त की देर शाम अचानक जामिया दिल्ली में पुलिस लाठीचार्ज की अफवाह कैंपस में आई और यहां छात्र उग्र हो गए। पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ गया। अगले दिन पुलिस इंटेलीजेंस की रिपोर्ट आई कि बाहरियों ने एएमयू में अफवाह फैलाई और उन्हीं ने हंगामा किया। इससे पहले 14 दिसंबर को गोरखपुर के डॉ.कफील छात्रों के धरने को संबोधित कर गए थे। छात्रों को उकसाने के मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई और बाद में रासुका की कार्रवाई हुई। हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिली और पुलिस कार्रवाई को गलत करार दिया गया। इसी बीच बिहार निवासी जेएनयू छात्र शरजिल इमाम का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे बवाल से पहले छात्रों के धरने में देश विरोधी बयान देते पाए गए और उन पर अलीगढ़ में 26 दिसंबर को देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया।
इस घटना के एएमयू कैंपस के अलावा पान वाली कोठी, जमालपुर, सराय रहमान, रसलगंज, सराय सुल्तानी, जीवनगढ़, शाहजमाल आदि इलाकों में जाम, प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव व पुलिस से टकराव की घटनाएं कई दिन तक हुईं। शाहीनबाग की तर्ज पर शाहजमाल में महिलाओं ने धरना शुरू किया जो 56 दिन बाद कोरोना लॉकडाउन की आड़ में खत्म कराया जा सका। इस बीच ऊपरकोट पर उपद्रव के बीच बाबरी मंडी के तारिक नाम के युवक की गोली लगने से मौत हुई।