काजिमाबाद बरी के नीचे एक पंचायत हुई, जिसमें करीब 12 गांवों के लोग शामिल हुए। लोगों ने कहा कि 100 का चालान 1000 का हो सकता है तो रोड क्यों नहीं बन सकता। इसे लेकर ग्रामीणों ने जगह-जगह लोकसभा चुनाव में वोट नहीं देने के बोर्ड टांग दिए हैं।
पैंठ चौराहे से रायपुर स्टेशन तक बदहाल सड़क के निर्माण की मांग अब आंदोलन का रूप धारण करती जा रही है। रविवार को काजिमाबाद बरी के नीचे एक पंचायत हुई, जिसमें करीब 12 गांवों के लोग शामिल हुए। लोगों ने कहा कि 100 का चालान 1000 का हो सकता है तो रोड क्यों नहीं बन सकता। इसे लेकर ग्रामीणों ने जगह-जगह लोकसभा चुनाव में वोट नहीं देने के बोर्ड टांग दिए हैं।
विज्ञापन
जिपं सदस्य पुष्पेंद्र लोधी, रवेंद्रपाल सिंह, केपी मिस्त्री जनप्रतिनिधि के रूप में पंचायत में शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि 100 का चालान 1000 का हो सकता है तो रोड क्यों नहीं बन सकता। इस सड़क पर कई गांवों के लोगों का निकलना होता है। गहरे गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते हैं। सड़क निर्माण की सालों से मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने 20 जून से आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी दी है। लोगों ने कहा कि गांव-गांव जाओ, लोगों को जागरूक करो, ताकि मांग को बल मिल सके। आज संख्या सैकड़ों में है लेकिन हजारों में होने में देर नहीं लगनी चाहिए।
इस दौरान नरेंद्र सिंह डीलर, विनोद बजरंगी, केपी सिंह, टिंकू, सूरज सिंह, संजय गिरी, गजेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, लालाराम, तिलक सिंह, मोहन सिंह, अनिल कुमार, रोहन सिंह, पंकज सिंह, नीतू, इंद्रपाल सिंह, सचिन भारद्वाज, प्रमोद, दुष्यंत सिंह, जेपी हिंदुस्तानी आदि मौजूद रहे।