गैस आपूर्ति में अनिश्चितता की खबरों ने एक बार फिर पुराने ईंधनों की याद दिला दी है। ताजा हालात को देख उन लोगों को सबसे ज्यादा मलाल है, जिन्होंने हाल ही में अपने पुराने साधनों को कबाड़ में बेचा है।
शाहकमाल रोड के डिप्टी लाल सैनी कहते हैं, अभी तीन महीने पहले ही वर्षों से रखा पुराना स्टोव बेचा था। तब लगा था कि अब इसकी क्या जरूरत, लेकिन अगर पता होता कि गैस की किल्लत होगी, तो उसे कभी नहीं बेचते।
इसी तरह विष्णु सैनी कहते हैं कि गैस पर बढ़ती निर्भरता ने अब चिंता बढ़ा दी है। बैकअप के लिए पुराना चूल्हा पास होता तो आज डर नहीं लगता। बाजार में अब लोग फिर से पुराने विकल्पों की टोह लेने लगे हैं।
दुबे का पड़ाव पर कोयले की भट्ठी पर बना भंडारा :
शहर में गहराते गैस संकट का असर अब धार्मिक और सामाजिक आयोजनों पर भी दिखने लगा है। दुबे का पड़ाव क्षेत्र में आयोजित एक भंडारे में गैस सिलेंडर न मिल पाने के कारण आयोजकों को पारंपरिक संसाधनों का सहारा लेना पड़ा। यहां कोयले की भट्ठी सुलगाकर पूड़ी और सब्जी तैयार की गई।
आयोजक गौरव ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से नियमित रूप से भंडारा कर रहे हैं, लेकिन यह पहली बार है जब गैस की जगह कोयले का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने कहा, गैस की किल्लत इतनी अधिक है कि समय पर सिलिंडर का इंतजाम नहीं हो सका।
गैस किल्लत पर कांग्रेस का हल्ला बोल
देश और जनपद में गहराते रसोई गैस संकट तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ शनिवार को पूर्व विधायक विवेक बंसल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। मैरिस रोड स्थित कार्यालय से शुरू हुआ यह विरोध मार्च सेंटर प्वाइंट पहुंचा, जहां पुलिस बल ने कार्यकर्ताओं को रोक लिया। इसके बाद कांग्रेसी वहीं धरने पर बैठ गए और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए विवेक बंसल ने केंद्र सरकार पर प्रहार किया। उन्होंने कहा, मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के महज 15 दिन बाद अचानक नई नियमावली लागू करना सरकार की अदूरदर्शिता है। इससे आम जनता परेशान है, जबकि कालाबाजारी करने वालों की चांदी हो गई है।
बंसल ने कहा कि एक तरफ सरकार ईंधन की कमी न होने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर जनता गैस और पेट्रोल के लिए लंबी लाइनों में खड़ी है। उन्होंने इसकी तुलना नोटबंदी और कोरोना काल की अव्यवस्था से की। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष ठाकुर सोमवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष नवेद खान सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डिप्टी लाल सैनी - फोटो : samvad
डिप्टी लाल सैनी - फोटो : samvad
डिप्टी लाल सैनी - फोटो : samvad