धान के खेतों में भरा पानी। संवाद
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विजयगढ़। ग्राम पंचायत वराकंला में रविवार शाम सेंगर नदी ओवरफ्लो होने के बाद कट गई, जिससे आसपास के सात सौ बीघा से अधिक खेतों में पानी भर गया। खेतों में भरे पानी से धान की फसल डूब गई। प्रभावित क्षेत्र में वराकंला के साथ उदयपुर गांव के खेत भी जलमग्न हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई वर्षों से सिंचाई विभाग ने सैंगर नदी की समुचित सफाई नहीं कराई। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसानों का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में सफाई के नाम पर मशीन लगाई गई, लेकिन केवल औपचारिकता निभाकर उसे वापस भेज दिया गया।
नदी में सिल्ट, झाड़ियां और कूड़ा जमा होने से पानी का बहाव बाधित हुआ और दबाव बढ़ने पर नदी कट गई। कटाव से विवेक, शोख, चंद्रवीर, किशनपाल, विजय कुमार, योगेंद्र सिंह, श्यामवीर सिंह समेत दर्जनों किसानों की धान की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने और सैंगर नदी की तत्काल सफाई व मजबूत तटबंध बनवाने की मांग की है। एक्सईएन राजेंद्र कुमार ने बताया है कि मौके निरीक्षण कर किसानों की समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा, कटान की वजह भी देखी जाएगी।
बातचीत...
- मेरी 20 वीघा भूमि जलमग्न हो गई है। नहर विभाग के कर्मचारी जुलाई के पहले सप्ताह में सफाई करने के लिए आए थे, लेकिन सफाई के नाम केवल दिखाया किया है। - विवेक कुमार निवासी बराकंला।
सिंचाई विभाग की लापरवाही की वजह से खंतों में भारी भर गया है। नुकसान देखकर लग रहा है कि फिर से खेत में धान की पौध रखी जाएगी। किसानों को काफी नुकसान हुआ है। - केके सिंह, प्रधान वराकंला।