पं. हृदय रंजन शर्मा।
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दस मार्च से होलाष्टक शुरू हो रहे हैं। 14 मार्च को रंगभरनी एकादशी से रंगों का त्योहार शुरू हो जाएगा। इसी दिन से 14 अप्रैल तक खरमास भी रहेंगे। 17 मार्च को होलिका दहन और 18 मार्च को धूल होली मान्य रहेगी।
श्री गुरू ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि दस मार्च से 18 मार्च तक होलाष्टक मान्य रहेगा। इस दौरान कोई मांगलिक कार्य, गृह प्रवेश करना वर्जित रहता है। व्यक्ति को नए रोजगार और नया व्यवसाय भी शुरू नहीं करना चाहिए। 14 मार्च को रंगभरनी एकादशी है। जिसे आमलकी एकादशी भी कहा जाता है। इसी दिन से वाराणसी में रंगों के उत्सव का आगाज हो जाता है जो लगातार छह दिनों तक चलता है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का भी विधान है। 14 मार्च से ही खरमास शुरू हो रहा है। खरमास में विवाह, मुंडन, हवन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। खरमास के बाद 19 अप्रैल से सहालग शुरू होंगे। वहीं, 17 मार्च को होलिका दहन और 18 मार्च को धूल होली है।