8 जून से धर्म स्थल खुलना प्रस्तावित हैं, लेकिन उनमें प्रवेश से पहले सैनिटाइजर के इस्तेमाल को लेकर धर्म गुरुओं में विचार मंथन की स्थिति है। क्योंकि सैनिटाइजर में 70 प्रतिशत अल्कोहल होता है, इसके उपयोग को लेकर थोड़ी हिचकिचाहट है।
नई बस्ती मस्जिद के इमाम मौलाना नसीम कहते हैं के अल्कोहल से हाथ धोने के बाद इबादत की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसलिए हम साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था करेंगे। क्योंकि अल्कोहल का प्रयोग धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। इसके साथ ही आचार्य कौशल किशोर व्यास कहते हैं कि बेहतर तो यही होगा कि हाथों को साफ करने के कुछ और विकल्प तलाशे जाएं।
अगर साबुन और अन्य विकल्प मौजूद हैं तो पहले उनको अपनाया जाए। अगर कहीं पर बिल्कुल विकल्प हीनता की स्थिति है और प्राण रक्षा की बात आती है तो सैनिटाइजर के इस्तेमाल से भी परहेज नहीं होना चाहिए। क्योंकि यहां पर बात भावना और आस्था की पवित्रता की है।
औषधीय गुणों के कारण अगर किसी द्रव्य का प्रयोग किया जा रहा है तो उसमें कुछ अनुचित नहीं है। 8 जून से खुल रहे धर्म स्थलों में एक बार में 5 व्यक्तियों के प्रवेश के निर्देश शासन की ओर से दिए गए हैं। हालांकि सभी धर्म गुरु इस बात पर सहमत हैं कि शासन के जैसे भी निर्देश होंगे उनके अनुसार व्यवस्थाएं की जाएंगी।