क्षेत्र के गांव जरैठ निवासी विजय की हत्या में आरोपी सुरेंद्र को मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। कमेटी में जमा अपने आठ लाख रुपये बार-बार मांगने पर आरोपी ने उसे नहर में धक्का दे दिया था। पांच दिन बाद एटा जिले के मिरहची थाने के गांव कुटैना माफी में नहर उसका शव बरामद हुआ था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी सुरेंद्र ने बताया कि वह गांव में कमेटी चलाता था। विजय के कमेटी के आठ लाख रुपये उसके पास जमा थे। वह बार-बार अपने रुपये मांग रहा था। इस पर रिस्तेदारी में रुपये दिलाने की बात कहकर 20 मार्च को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे विजय को उसी की बाइक पर थाना दादों के गांव जिरौली ले गया था। वहां पर दोनों ने शराब पी। जानबूझकर विजय को अधिक शराब पिलाई।
इसके बाद कासगंज जनपद के थाना सोरों के खेड़िया नवेनी स्थित हजारा नहर पुल पर ले गया। बीच पुल पर बाइक खड़ी करने के बाद धक्का देकर विजय को नहर में गिरा दिया था। इसके बाद बाइक वहीं खड़ी कर गांव चला आया था।
मृतक के भाई संतोष ने आरोपी सुरेंद्र सहित उसकी पत्नी, सास, साले और समधी आदि पर हत्या कर शव नहर में फेंकने का आरोप लगाया था। एसओ सुमित गोस्वामी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है। मृतक के मोबाइल नंबर की काॅल डिटेल निकलवाई जा रही है ताकि पता चल सके कि उसके साथ कौन-कौन था?