बाजार में एनसीईआरटी की किताबों की उपलब्धता न होने और तय मूल्य से अधिक पर पुरानी किताबें बेचे जाने का मामला अब विधान परिषद में भी उठेगा। आगरा शिक्षक खंड के एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल ने अमर उजाला में 26 व 27 जून को इस संबंध में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लिया है। वह विधानपरिषद के प्रश्न प्रहर में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहे हैं। इधर, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा सोमवार से बाजार खुलने पर किताबों को लेकर पड़ताल कराएंगे और अपनी जांच रिपोर्ट परिषद को भेजेंगे। वहीं, उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री नीरज शर्मा ने इस प्रकरण की सूचना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेषित की है।
अमर उजाला ने 26 जून को नई और सस्ती के बजाय महंगी व पुरानी किताबों की बिक्री और 27 जून को एनसीईआरटी गणित-जीव विज्ञान की किताबें बाजार से गायब... शीर्षक से खबरें प्रकाशित की थीं। इन खबरों में बताया गया कि बाजार में साल 2020 में तय की गई सस्ती दर के मुकाबले 2019 की महंगी दर वाली एनसीईआरटी की पुस्तकें बाजार में बेची जा रही हैं। 2020 में सरकार ने किताबों के दाम काफी कम कर दिए थे। जबकि बाजार में दोगुने महंगे दामों की किताबें बिक रही हैं। रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के रेट 2020 के मुकाबले 2019 की किताबों पर दोगुने हैं। इसके अलावा, कक्षा 11 की 66 रुपये वाली गणित की किताब और कक्षा 12 की 87 रुपये के गणित के सेट बाजार से गायब हैं। ऐसे में बच्चे 300 से लेकर 600 रुपये तक की निजी प्रकाशकों की किताबें खरीद रहे हैं।
उक्त खबरों का डीआईओएस से लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ और उप्र विधान परिषद के आगरा खंड क्षेत्र के एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल ने संज्ञान लिया है। डॉ. आकाश अग्रवाल ने बताया कि वह इन मुद्दों को विधान परिषद में उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के साधारण परिवारों के बच्चों तक सस्ते दर पर किताब पहुंचाने की सरकारी योजना में सेंधमारी नहीं होनी चाहिए। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि साप्ताहिक बंदी के चलते शनिवार व रविवार को बाजार में पड़ताल नहीं हो सकी। सोमवार को बाजार खुलेगा तो एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता की पड़ताल करेंगे। इसकी रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजकर समस्या का निदान कराएंगे। वहीं, उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
प्रबंधकों की बैठक में भी उठा मुद्दा
रविवार को सासनीगेट स्थित जेएम पब्लिक स्कूल में आयोजित प्रबंधक महासभा की बैठक में भी किताबों का मुद्दा उठा। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा तथा अन्य ने कहा कि यह बड़ा मुद्दा है। सरकारी सस्ते दर वाली किताबें बाजार में उपलब्ध न होने का खामियाजा गरीब विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। सरकारी योजना का लाभ अगर कोरोना के चलते उपजे वर्तमान हालातों में आम अभिभावकों को मिलेगा तो इससे देश का ही लाभ होगा। क्योंकि देश का भविष्य कही जाने वाली पीढ़ी इन किताबों से पढ़कर ही आगे चलकर विभिन्न क्षेत्रों का नेतृत्व करेंगे।