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एमडी टीबी अस्पताल प्रशासन के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, किशोरी के साथ हुआ था दुष्कर्म

Mon, 26 Aug 2019 04:48 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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विरोध प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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हाथरस एमडी टीबी अस्पताल में किशोरी के साथ हुए शर्मनाक कृत्य के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स व हाथरस आढ़तिया एसोसिएशन के तत्वावधान में एक विशाल प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगों ने जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया।

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जुलूस निकालने के साथ-साथ आक्रोशित लोगों ने टीबी अस्पताल का घेराव कर धरना प्रदर्शन भी किया। इस मौके पर सीएम के नाम उप जिलाधिकारी सदर नीतीश कुमार सिंह को ज्ञापन दिया गया। आक्रोशित लोगों की मांग है कि सीएमएस, सीएमओ सहित अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि पिछले दिनों टीबी अस्पताल में एक किशोरी के साथ स्वास्थ्यकर्मी द्वारा इंजेक्शन लगाने के बहाने दुष्कर्म करने की शर्मनाक घटना सामने आई थी।अब इस मामले को लेकर लोगों का गुस्सा फूटता जा रहा है। एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि इतना बड़ा प्रकरण होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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उन्होंने कहा कि यह घिनौना कृत्य चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में हुआ फिर भी इस पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया। केवल दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि इसमें पूरा अस्पताल प्रशासन दोषी है। रात्रि में किस फार्मासिस्ट की ड्यूटी थी, और कौन डॉक्टर तैनात थे, उनकी क्या जिम्मेदारी रही होगी, वार्ड बॉय इंजेक्शन लगाने के लिए अधिकृत था या नहीं, अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे हुए हैं। बेहोशी का इंजेक्शन टीवी अस्पताल में कहां से आया, चिकित्सा अधीक्षक के रूम और अलमारी की चाबी वार्ड बॉय के पास कहां से आई, महिला रोगियों के लिए महिला स्टाफ क्यों तैनात नहीं है, सारे सवाल अभी जांच से कोसों दूर हैं। 

यहां पढ़ें पूरा मामला: बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर टीबी रोग पीड़िता से दुष्कर्म, आरोपी जेल में

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उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में इस तरह की घिनौनी घटना के क्या मायने निकाले जाएं, कि अस्पताल परिसर में महिला मरीज सुरक्षित नहीं है? ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि उक्त प्रकरण में सीएमओ हाथरस, सीएमएस टीबी अस्पताल व अस्पताल प्रशासन को बर्खास्त कर मरीजों के आत्मसम्मान की रक्षा की जाए। 

पीड़िता व उसके परिवार को उसके जीवन यापन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उचित मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन लेने के बाद उपजिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि इस ज्ञापन को उचित माध्यम से मा. मुख्यमंत्री जी को प्रेषित कर दिया जाएगा और पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय और उसे जो सरकारी सहायता मिल सकती होगी वो दिलाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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