मुख्यमंत्री के नवीन विकास प्राथमिकता कार्यक्रम एवं राजस्व प्राथमिकताओं की मंडलीय समीक्षा के दौरान कमिश्नर अलीगढ़ मंडल के तेवर तल्ख नजर आए। खराब परफारमेंस पर डीएम एवं एडीएम फाइनेंस हाथरस से स्पष्टीकरण तलब कर लिया तो अनुपस्थिति पर अपर आयुक्त फाइनेंस का वेतन रोकने के आदेश कर दिये।
सीडीओ को चेतावनी जारी की तो जिला गन्ना अधिकारी, उप एवं सहायक आयुक्त चीनी के विरुद्घ शासन को लिखने को कहा। बांट माप निरीक्षक व खनन अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये। गुरुवार को कमिश्नरी सभागार में आयुक्त ने मंडल के सभी मुख्य विकास अधिकारियों को विकास योजनाओं के पर्यवेक्षण में उदासीनता तथा विरोधाभासी आंकडे़ प्रस्तुत करने पर नाराजगी प्रकट करते हुये सुधार की चेतावनी जारी करने के आदेश दिये।
कमिश्नर ने अलीगढ़ के डीएफओ एवं प्रधानाचार्य आईटीआई को भी फटकार लगाई। समीक्षा में पता चला कि हाथरस जनपद में लगभग 7.50 करोड़ के स्टांप देयों के सापेक्ष माह अक्तूबर में मात्र 9 लाख रूपये की वसूली हुयी है। आयुक्त ने 10 बड़े बकायेदारों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही तथा टॉप 5 दबंग बकायेदारों के खिलाफ कुड़की के आदेश डीएम को दिये।
आईजीआरएस के अंतर्गत ऑनलाइन प्राप्त होने वाले मुख्यमंत्री संदर्भो के निस्तारण निर्धारित समय सीमा में कर उनकी अपलोडिंग को कहा। राज्य पोषण मिशन एवं हौसला पोषण योजना में गर्भवती महिलाओं एवं अति कुपोषित बच्चों को देशी घी एवं मिल्क पाउडर की नियमित आपूर्ति न होने पर नाराजगी जताई।
हड़ताली ऑगनबाड़ी कार्यकत्रियों के पंजीरी उठान पर रोक लगाने तथा काम नहीं तो वेतन नहीं का सिद्धांत कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिये। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की खराब प्रगति पर चारों जनपदों के सीडीओ को निर्देश दिया कि सुधार न होने पर सभी सीएमओ व सीएमएस के वेतन आहरण पर रोक लगा दी जाए। इस मौके पर अपर आयुक्त फैसल आफताब समेत हाथरस, कासगंज, के डीएम समेत अन्य अफसर मौजूद थे।