फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल के निर्माण में कंक्रीट और स्टील रीइन्फोर्समेंट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि मजबूती और स्थिरता बनी रहे। रिटेनिंग वॉल की नींव को मजबूत बनाने के लिए कासिमपुर पावरहाउस से लाई गई फ्लाई एश (राख) डाली जा रही है, जो नीचे की ओर एक ठोस परत बनाने का काम करेगी।
अलीगढ़ के क्वार्सी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अब तेजी पकड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार 4 अक्तूबर से दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त (डीडीयू) अस्पताल की ओर बने पिलरों पर गार्डर रखने का काम शुरू हो जाएगा। अगले सप्ताह से इसी ओर दीवार (रिटेनिंग वॉल) खड़ी करने के लिए खोदाई का काम भी शुरू हो जाएगा।
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फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल के निर्माण में कंक्रीट और स्टील रीइन्फोर्समेंट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि मजबूती और स्थिरता बनी रहे। रिटेनिंग वॉल की नींव को मजबूत बनाने के लिए कासिमपुर पावरहाउस से लाई गई फ्लाई एश (राख) डाली जा रही है, जो नीचे की ओर एक ठोस परत बनाने का काम करेगी। रिटेनिंग वॉल को कंक्रीट और स्टील के उपयोग से मजबूत और स्थिर बनाया जाएगा। सबसे अंत में फ्लाईओवर के बिल्कुल मध्य के हिस्से का निर्माण किया जाएगा।
फ्लाईओवर के निर्माण में सुपर स्ट्रक्चर का भी उपयोग हो रहा है, जिसमें गार्डर रखने के बाद रिटेनिंग वॉल को तेजी से पूरा किया जाता है। कुल 12 खंभों पर बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर की लंबाई 630 मीटर है और इसकी लागत 71 करोड़ रुपये है।
4 अक्तूबर से पिलरों पर गार्डर रखे जाएंगे। इसके बाद रिटेनिंग वॉल के लिए खोदाई होगी। फ्लाईएश को पानी के साथ रिटेनिंग वॉल में सेट किया जा रहा है, ताकि भविष्य में दीवार के धंसने की संभावना न हो। जनवरी 2026 में इसे यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। -मोहित कुमार, डीपीएम सेतु निगम।