अलीगढ़ महानगर से सटी गांधीपार्क क्षेत्र की कॉलोनी में किशोरी संग दुष्कर्म के दोषी घर के नौकर राकेश को बीस वर्ष की सजा सुनाई गई है। साथ ही पचास हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। मिशन शक्ति अभियान के तहत यह निर्णय एडीजे पॉक्सो द्वितीय प्रदीप कुमार राम की अदालत ने सुनाया है। अदालत ने अर्थदंड की पूरी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार ये घटना 13 जनवरी की है। वादी मुकदमा के अनुसार घटना वाले दिन वह अपने दोनों छोटे बच्चों व पत्नी को लेकर रिश्तेदारी में अकराबाद क्षेत्र में गया था। घर पर उसकी सबसे बड़ी 16 वर्षीय बेटी अकेली रह गई थी। उसके पास दो ट्रैक्टर हैं, जो ईंट भट्टे पर चलते हैं। इनमें से एक ट्रैक्टर उनका दूर का रिश्तेदार इगलास के हैवतपुर का राकेश व दूसरे को यतेंद्र नाम का कर्मचारी चलाता है। घटना वाली देर रात जब वे वापस घर आए तो उन्हें बेटी ने रोते हुए बताया कि दोपहर में आरोपी राकेश ने उसके साथ घर में घुसकर दुष्कर्म किया। विरोध व शोर करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए मुंह दबा दिया।
इसी बीच यतेंद्र के आने व शोर मचाने पर आरोपी भाग गया। बाद में यतेंद्र ने अपने मालिक को खबर दी। तब उन्होंने आकर राकेश को खोजा। मगर वह कहीं नहीं मिला। अगली सुबह थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मुकदमे के आधार पर जांच व मेडिकल परीक्षण के आधार पर आरोपी को जेल भेजा। साथ में चार्जशीट दायर की। इसी मुकदमे में सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी राकेश को बीस वर्ष की सजा व अर्थदंड से दंडित किया है।