लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि गांवों और पंचायतों की स्थिति आज भी बदहाल है, क्योंकि कोई भी सरकार पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार सौंपना नहीं चाहती है। शुक्रवार को वह राष्ट्रीय पंचायती राज संगठन के सम्मेलन में बोल रहे थे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों व सांसदों की तर्ज पर सभी प्रधानों, बीडीसी, सभासदों व जिला पंचायत सदस्यों को भी प्रति माह मानदेय व भत्ते दिए जाएं, वरना सभी के भत्ते बंद कर दिए जाएं। एक बार सांसद व विधायक बनने पर पूरी उम्र पेंशन मिलती है, लेकिन कोई प्रधान या बीडीसी पूरी उम्र भी पद पर रहे तो उन्हें कुछ नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि गांधीजी के सपनाें का भारत बनाने के उद्देश्य से संविधान का 73वां व 74वां संशोधन वर्ष 1993 में किया गया था और उसको लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर छोड़ दी गई थी, लेकिन 28 वर्षों बाद भी न तो पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार दिए गए और न ही कोई सरकार देना चाहती है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि 90-95 प्रतिशत वोट पर चुनकर आता है, जिसे गांव की जनता ने बड़े विश्वास से चुना, लेकिन सरकार उनको उनका अधिकार देना ही नहीं चाहती हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकारें रहीं, लेकिन विधायकों व नौकरशाहों ने पंचायतों के अधिकारों का अतिक्रमण करते हुए 29 विभागों के अधिकार पंचायतों को नहीं सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने पंचायतों को उनके प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार दिलाने के लिए कई बार धरना, प्रदर्शन व भूख हड़ताल आदि करके कुछ अधिकार तो दिलाए, लेकिन आज भी पंचायतों को उनके पूर्ण अधिकार नहीं मिल पाए हैं। अध्यक्षता मान सिंह ने की व संचालन संदीप तोमर ने किया।
इस अवसर पर मनोज प्रधान, प्रकाश चौधरी, केपी सिंह जिला पंचायत सदस्य, बबलू बीडीसी, भीलू पूर्व प्रधान, सोमेश चौधरी जिला पंचायत सदस्य, श्याम सुंदर बीडीसी, सूरजपाल सिंह बघेल प्रधान, अशोक दिवाकर, पुष्पेंद्र लोधी आदि मौजूद रहे।