गोंडा क्षेत्र में चार साल की मासूम को दुष्कर्म के बाद पानी में डुबोकर मौत के घाट उतारा गया था। बुधवार सुबह इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए एसपी देहात ने बताया कि छिपने के लिए रिश्ते के चाचा के पास आगरा जाते समय आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद वह रात में अपने घर पर ही रुका था। अगली सुबह पुलिस के सक्रिय होने पर फरार हुआ। वहीं, स्लाइड रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। एसएसपी ने आरोपी पर रासुका लगाने को कहा है। मुकदमे में जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए पुलिस की एक पैरोकार टीम गठित करने का एलान किया है।
एसपी देहात शुभम पटेल ने बुधवार को बताया कि रविवार शाम करीब छह बजे अनुसूचित जाति की बच्ची जब अपने पिता के पैंठ जाते समय उनके पीछे-पीछे निकली थी। तभी रास्ते में बच्ची को आरोपी अर्जुन (26) ने उसे पुचकारते हुए समोसा खिलाने का लालच दिया। चूंकि बच्ची अर्जुन को जानती थी इसलिए वह उसके साथ चली गई। समोसा खिलाने के बाद वह उसे सुरीर मार्ग पर करीब 300 मीटर आगे ले गया। जहां उसने बच्ची संग दुष्कर्म किया और फिर पकड़े जाने के डर से बच्ची को घटनास्थल पर पानी में डुबो कर मार दिया।
इस दौरान बच्ची की पैजामी भी उसने पास में ही फेंकी थी, जिसे आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद बरामद कराया है। एसपी देहात के अनुसार इस घटना को अंजाम देने से पहले उसने शराब पी थी। नशे में वारदात करने के बाद वह सीधे अपने घर पहुंचा और सो गया। सोमवार सुबह जागने पर वह घटनास्थल पर भी पहुंचा है। मगर पानी के बहाव के कारण बच्ची का शव कुछ कदम आगे चला गया। इसी बीच वहां पुलिस आ गई तो वह गांव से गायब हो गया। वह सीधे अपने किसी परिचित के पास खैर पहुंचा, जहां रात तीन बजे तक रुका। उसी रात वहां से अपने दोस्त के पास पलवल पहुंचा। कुछ देर वहां रुकने के बाद वह मंगलवार को अपनी बहन के घर फरीदाबाद पहुंचा और पूरा वाकया बताया।
इस पर बहन ने उसे अपने पास रखने से इनकार कर दिया। चूंकि मंगलवार को वह पुलिस के रडार पर आ गया था और सर्विलांस की मदद से पुलिस उसकी लोकेशन भी जान चुकी थी। इसलिए पुलिस ने उसकी घेराबंदी शुरू कर दी। एक टीम हरियाणा भी पहुंच गई। इसी दौरान बुधवार रात वह हरियाणा से अपने रिश्ते के चाचा के पास रुकने आगरा आ रहा था। तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसने अपना जुर्म स्वीकार किया है। इस गिरफ्तारी में एसपी देहात की अगुवाई में थाना पुलिस के अलावा सर्विलांस व एसओजी टीम के प्रभारी संजीव कुमार, रोहित राठी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने 48 घंटे में खुलासे व गिरफ्तारी पर पूरी टीम की पीठ ठोंकी है।
चार टीमें खुलासे में लगाई थीं। पहली रात ही आरोपी हमारी टीम के रडार पर आ गया था। बच्ची को आखिरी बार आरोपी के साथ देखा गया है। टीम उसके पीछे लगी और गिरफ्तारी में सफलता मिली। इधर, स्लाइड रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। अब मामले में जल्दी सजा दिलाने के लिए पुलिस की एक टीम तैयार की जा रही है। आरोपी पर रासुका भी लगाया जाएगा। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी