सीओ बरला गर्वित सिंह के अनुसार हाईकोर्ट ने युवती को उसके बयानों के आधार पर उसकी मर्जी से युवक संग जाने का आदेश दिया है। उसी आधार पर युवती को प्रयागराज से ही युवक संग भेज दिया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिस बालिग जोड़े की आजादी छीनने को अवैध करार देकर सुरक्षा देने का निर्देश दिया है वह युवती अकराबाद क्षेत्र की रहने वाली है। पूछताछ में युवती ने स्वीकारा था कि फेसबुक पर दोस्ती होने के बाद उसने बरेली पहुंचकर युवक से प्रेम विवाह किया था।
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युवती के पिता ने थाने में युवती के बरेली के सुभाष नगर करगेना निवासी प्रेमी सहित परिवार के नौ सदस्यों पर मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसी मुकदमे के आधार पर पुलिस दोनों को पकड़कर लाई थी। इसकी जांच व पूछताछ में युवक युवती ने स्वीकारा था कि करीब छह माह पहले दोनों में फेसबुक पर जान पहचान हुई। इसके बाद दोनों की बातचीत शुरू हो गई। युवती के परिवार को भनक लगने पर उस पर पाबंदियों भी लगने लगीं। इसी के चलते वह 30 जुलाई की सुबह घर से निकलकर बरेली पहुंच गई थी। जहां उसने मर्जी से प्रेम विवाह किया।
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जांच करते हुए परिवार भी वहां तक गया लेकिन उन्हें युवती व युवक के परिवार ने वापस कर दिया। अब वे सुरक्षा व मुकदमे के खिलाफ हाईकोर्ट गए थे। तभी पुलिस दोनों को दबोच लाई। बता दें कि दसवीं तक शिक्षित युवती तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी है। सीओ बरला गर्वित सिंह के अनुसार हाईकोर्ट ने युवती को उसके बयानों के आधार पर उसकी मर्जी से युवक संग जाने का आदेश दिया है। उसी आधार पर युवती को प्रयागराज से ही युवक संग भेज दिया गया।