रेलवे दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर ट्रेनों की गति को 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। मिशन रफ्तार के तहत 18 अक्तूबर को मितावली और पोरा रेलवे स्टेशन के बीच वंदे भारत के 20 कोच का ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) कवच का दूसरा ट्रायल हुआ जो सफल रहा। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में 18 अक्तूबर को 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन को चलाने का ट्रायल हुआ। अभी तक यहां ट्रेनें 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही हैं।
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उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि यह ट्रायल सफल रहा। उन्होंने बताया कि पहला ट्रायल इंजन के साथ किया गया था। दूसरी बार वंदे भारत ट्रेन के 20 कोच के साथ इसका ट्रायल किया गया है। उन्होंने बताया कि रफ्तार और तकनीक क्षमता विकसित करने के लिए लगातार ट्रायल किया जा रहा है। नई दिल्ली से टूंडला तक का 160 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रेन चलाने की आधिकारिक मंजूरी पाने वाला देश का दूसरा रेल खंड बन जाएगा।
उन्होंने बताया कि टूंडला- अलीगढ़ का ट्रायल पूरा होने बाद, टूंडला-गाजियाबाद, अलीगढ़ से गाजियाबाद, टूंडला से कानपुर, कानपुर-प्रयागराज और प्रयागराज से पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन के बीच भी विभिन्न चरणों में ट्रायल पूरे किए जाएंगे। सभी ट्रायल सफल होने पर ट्रेनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार से चलाया जा सकेगा।