आगरा रोड पर बनी बिल्डिंग गिरासू हालत में ।
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
मानसून की दस्तक हो चुकी है। आने वाले कुछ समय बाद मानसून विधिवत रूप से आ जाएगा। प्रत्येक बारिश के मौसम में गिरासू भवनों का मुद्दा उठाया जाता है लेकिन समस्या वहीं बनी रहती है। आने वाले बरसात के मौसम में शहर में विभिन्न स्थानों पर मौजूद गिरासू भवन लोगों के लिए एक बार फिर से खतरा पैदा करेंगे। नगर निगम द्वारा ऐसे मकान स्वामियों को अब एक बार फिर से नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 350 से अधिक ऐसे गिरासू भवन चिह्नित किए गए हैं।
क्या समस्या आती है?
ज्यादातर गिरासू भवनों में किराएदार भी रहते हैं। किराएदार बेहद मामूली किराए पर रहते हैं। भवन स्वामी इनकी मरम्मत इसलिए नहीं कराते जिससे भवनों की हालत और खराब हो और किराएदार खुद बद खुद इसे खाली कर दें। किराएदार और भवन स्वामी की रस्साकशी में भवन की स्थिति और भी खराब हो जाती है।
कहां पर हैं भवन
कनवरी गंज, उपर कोट, जयगंज, अचल ताल, मानिक चौक, मदार गेट, देहली गेट, रेलवे रोड आदि कुछ ऐसे इलाके हैं जहां पर गिरासू भवनों की संख्या अधिक है। ऐसे भवन न सिर्फ इसमें रहने वालों के लिए बल्कि आसपास वालों के लिए भी बरसात के दिनों में बेहद खतरनाक हो जाते हैं।
‘सभी गिरासू भवनों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। हमारी अपील है कि गिरासू भवनों को इनके स्वामी स्वयं ही गिरा लें। जिससे उनकी और आसपास के लोगों की जान को कोई खतरा नहीं हो। ऐसे मकानों में रह रहे लोगों को भी अपने परिवार की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहिए’
- संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त