डार्कवेब पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के लिए सामग्री बेचने के लिए नवीन ने कुल 82 बच्चों के अश्लील वीडियो-फोटो बनाए थे। यह सभी वीडियो फोटो उसने अपने मोबाइल और डेटा कार्ड में संकलित करके रखे थे। यह खुलासा सीबीआई ने उससे बरामद मोबाइल और डेटा की दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग से कराई जांच में किया था।
चाइल्ड पोर्नोग्राफी के लिए गभाना में बच्ची संग दुष्कर्म के अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर साइटों पर अपलोड कर वायरल करने के दोषी नवीन कुमार को उम्रकैद की सजा हुई है। सीबीआई स्पेशल क्राइम दिल्ली की ओर से दर्ज किए गए मुकदमे में यह निर्णय एडीजे पॉक्सो प्रथम अनिल कुमार अष्ठम की अदालत से सुनाया गया है। साथ में 1.10 लाख रुपये अर्थदंड भी नियत किया गया है।
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डार्कवेब पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के लिए सामग्री बेचने के लिए नवीन ने कुल 82 बच्चों के अश्लील वीडियो-फोटो बनाए थे। यह सभी वीडियो फोटो उसने अपने मोबाइल और डेटा कार्ड में संकलित करके रखे थे। यह खुलासा सीबीआई ने उससे बरामद मोबाइल और डेटा की दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग से कराई जांच में किया था।
बाद में सीबीआई ने उस जांच रिपोर्ट को अदालत में भी पेश किया था। जिस पर अदालत ने अपने आदेश में दी टिप्पणी में यह भी कहा था कि यह कामवासना भड़काने वाली बालकों की चित्रण सामग्री तैयार व डाउनलोड की है।
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इंटरपोल के जरिये सीबीआई को यह इनपुट मिले थे। जिसके आधार पर दिल्ली सीबीआई स्पेशल क्राइम-तृतीय ने मुकदमा दर्ज कर ईमेल आईडी व उससे जुड़े मोबाइल नंबरों के आधार पर पूर्व में मंडलावली ऊंचेपर लक्ष्मीनगर दिल्ली व वर्तमान में कन्होई गभाना में किराये पर रहने वाले नवीन कुमार को पकड़ा था।
बाद में सर्च वारंट के आधार पर उसके घर से तमाम साक्ष्य संकलित किए गए। जिनमें मोबाइल व डेटा कार्ड आदि बरामद किया था। इन्हीं में एक बच्ची की पहचान इलाके के एक स्कूल के प्रधानाचार्य की मदद से हुई थी। जिसके साथ आरोपी ने यह हरकत की थी।
नवीन से बरामद फोन और डेटा कार्ड में 21 वीडियो एवं 61 फोटो मिले
साथ में सीबीआई ने आरोपी के घर से बरामद मोबाइल व डेटा कार्ड जीटीबी अस्पताल की फॉरेंसिक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। वहां के निदेशक डा.श्रीनिवास एम ने अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसमें उल्लेख किया था कि नवीन के पास से बरामद मोबाइल व डेटा कार्ड में 21 वीडियो व 61 फोटो मिले हैं। ये सभी बच्चों के हैं। इनमें से अधिकांश स्कूलों में पढ़ते हैं।
इसी रिपोर्ट को अदालत में भी सीबीआई द्वारा साक्ष्य के रूप में पेश किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर माना गया कि यह सभी बालकों के चित्रण सामग्री कामवासना भडक़ाने के लिए बनाई गई व डाउनलोड की गई।
बता दें कि इस मामले में आरोपी नवीन को अदालत ने सोमवार को आजीवन कारावास से दंडित किया है। इस विषय में डीजीसी ललित पुंढीर बताते हैं कि अदालत ने इस साक्ष्य को आईटी की धारा का मजबूत साक्ष्य माना था। जिसके आधार पर बाल अपराध में आरोपी को दोषी करार देकर सजा सुनाई गई।
एक बच्ची की हुई पहचान, बाकी कहां के थे ये सवाल
इस मामले में सीबीआई ने काफी प्रयास किए। मगर एक ही बच्ची की पहचान हो सकी। बाकी बच्चे कहां के थे। उनकी पहचान के लिए काफी प्रयास किए गए। मगर सफलता नहीं मिल सकी।