विवेचक साइबर निरीक्षक वंशीधर पांडेय के अनुसार आरोपी नितीश के विषय में उजागर हुआ कि इस घटना से करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिये बिहार में सक्रिय साइबर ठग नेटवर्क से हुई। इसी दोस्ती में उसने उन्हें खाते व सिम बेचना शुरू कर दिया। वह अपने क्षेत्र के गरीब व मजदूर वर्ग के लोगों के आधार कार्ड के जरिये सिम लेकर उनके नाम से खाते खुलवाता था। उन्हीं खातों को साइबर ठगों को बेचता था। इसके बदले उसे एक ठगी की वारदात में से पांच प्रतिशत रकम मिलती थी। इंटर पास नितीश के पिता क्षेत्र में आयुर्वेदिक दवा बिक्री की दुकान करते हैं। कभी कभार खुद भी उनके साथ हाथ बंटाता है। बाकी समय वह इसी धंधे में जुटा रहता है। इस मामले में उसके कुछ अन्य साथियों के नाम बाकी हैं, जिनकी तलाश जारी है।
साइबर ठगी में वापस कराए एक लाख रुपये
अलीगढ़ महानगर के क्वार्सी की साकेत विहार कालोनी के व्यक्ति संग हुई साइबर ठगी में एक लाख रुपये साइबर सेल द्वारा वापस कराए गए हैं। पीडि़त द्वारा 12 नवंबर को यह जानकारी साइबर सेल को दी गई कि एपीके फाइल डाउनलोड कराकर उसके खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में तत्काल शिकायत प्राप्त होने के आधार पर कार्रवाई करते हुए जांच के आधार पर रकम वापस कराई गई है।