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Cyber Crime: साइबर ठगों को बैंक खाते बेचने वाला सरगना जौनपुर से किया गिरफ्तार, भेजा जेल

Sat, 17 Jan 2026 02:51 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

आरोपी नितीश के विषय में उजागर हुआ कि इस घटना से करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिये बिहार में सक्रिय साइबर ठग नेटवर्क से हुई। इसी दोस्ती में उसने उन्हें खाते व सिम बेचना शुरू कर दिया।
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साइबर क्राइम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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डिजिटल अरेस्ट कर लोगों संग साइबर ठगी कर रहे बिहार के नेटवर्क को जौनपुर का सरगना नितीश कुमार द्विवेदी बैंक खाते व सिम बेच रहा था। यह खुलासा करते हुए अलीगढ़ साइबर थाना पुलिस ने जौनपुर के इस सरगना को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पकड़े गए आरोपी ने ही महानगर के दोदपुर इलाके की एएमयू से सेवानिवृत्त बुजुर्ग प्रोफेसर संग 75 लाख की साइबर ठगी में खाता व सिम बेचे थे। अब पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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एएमयू की सेवानिवृत्त महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 75 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी। प्राथमिकी साइबर थाने में 11 अक्तूबर 2024 को दर्ज कराई गई। जांच में पुलिस ने पाया कि अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। इसी में एक खाता अमरेश कुमार सिंह निवासी ग्राम बभांगमा, पोस्ट जहांगीरपुर, जनपद वैशाली (बिहार) वर्तमान निवासी यादव कॉलोनी मूर्ति मकान पटना (बिहार) का पाया गया। पुलिस जनवरी 2025 में उसे पटना से पकड़कर लाई। यहां उसे जेल भेजा गया। तब से वह जेल में है।

एसएचओ साइबर थाना सुबोध कुमार के अनुसार जांच के क्रम में उजागर हुआ कि जौनपुर के केराकत थाने के गांव बांसबरी झोरियां का नितीश कुमार द्विवेदी बिहार के इस गिरोह को खाते बेचता है। कई माह तक उसकी जांच के बाद पुलिस उसे भी पकड़कर लाई। बृहस्पतिवार को उसे जेल भेज दिया गया।

साइबर टीमें लगातार सक्रिय हैं। इसी क्रम में एक आरोपी को पुराने मामले में जेल भेजा गया है। वहीं एक मामले में एक लाख रुपये वापस कराए गए हैं।-ममता कुरील, एसपी क्राइम

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विवेचक साइबर निरीक्षक वंशीधर पांडेय के अनुसार आरोपी नितीश के विषय में उजागर हुआ कि इस घटना से करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिये बिहार में सक्रिय साइबर ठग नेटवर्क से हुई। इसी दोस्ती में उसने उन्हें खाते व सिम बेचना शुरू कर दिया। वह अपने क्षेत्र के गरीब व मजदूर वर्ग के लोगों के आधार कार्ड के जरिये सिम लेकर उनके नाम से खाते खुलवाता था। उन्हीं खातों को साइबर ठगों को बेचता था। इसके बदले उसे एक ठगी की वारदात में से पांच प्रतिशत रकम मिलती थी। इंटर पास नितीश के पिता क्षेत्र में आयुर्वेदिक दवा बिक्री की दुकान करते हैं। कभी कभार खुद भी उनके साथ हाथ बंटाता है। बाकी समय वह इसी धंधे में जुटा रहता है। इस मामले में उसके कुछ अन्य साथियों के नाम बाकी हैं, जिनकी तलाश जारी है।

साइबर ठगी में वापस कराए एक लाख रुपये
अलीगढ़ महानगर के क्वार्सी की साकेत विहार कालोनी के व्यक्ति संग हुई साइबर ठगी में एक लाख रुपये साइबर सेल द्वारा वापस कराए गए हैं। पीडि़त द्वारा 12 नवंबर को यह जानकारी साइबर सेल को दी गई कि एपीके फाइल डाउनलोड कराकर उसके खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में तत्काल शिकायत प्राप्त होने के आधार पर कार्रवाई करते हुए जांच के आधार पर रकम वापस कराई गई है।
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