छह माह पहले खैर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उनकी पुत्रवधु चारू केन को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया। तभी तेजवीर सिंह को नजदीकी जिले से चुनाव प्रभावित करने के अंदेशे पर बुलंदशहर से प्रयागराज की नैनी जेल स्थानांतरित कर दिया था। तब से वे नैनी जेल में थे।
बहुचर्चित पूर्व विधायक मलखान सिंह व उनके अंगरक्षक हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे अलीगढ़ के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू 5 मई देर शाम जेल से रिहा हो गए। उन्हें स्वास्थ्य कारणों से प्रयागराज की नैनी जेल से पैरोल मिलना बताया गया है।
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30 मार्च वर्ष 2006 में हुई जिले के कद्दावर जाट नेता व इगलास के पूर्व विधायक मलखान सिंह और उनके अंगरक्षक की हत्या का मुकदमा सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर बुलंदशहर सत्र न्यायालय में स्थानांतरित हुआ था। इसी मुकदमे में मुख्य आरोपी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू सहित 15 आरोपियों को दोषी करार देकर जनवरी 2023 में आजीवन कारावास से दंडित कर सभी को बुलंदशहर जेल भेजा गया था।
छह माह पहले खैर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उनकी पुत्रवधु चारू केन को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया। तभी तेजवीर सिंह को नजदीकी जिले से चुनाव प्रभावित करने के अंदेशे पर बुलंदशहर से प्रयागराज की नैनी जेल स्थानांतरित कर दिया था। तब से वे नैनी जेल में थे। यह खबर उनके समर्थकों में आते ही सोशल मीडिया पर बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। उनके अधिवक्ता प्रताप सिंह राघव ने बताया कि अभी पैरोल पर रिहाई हुई है। आदेश देखकर ही स्पष्ट होगा कि कितने समय के लिए पैरोल मिली है। अगले एक दो दिन में गुड्डू अलीगढ़ आएंगे।
मुझे अदालत के निर्देश पर 5 मई शाम रिहा कर दिया गया है। एक दो दिन में अलीगढ़ आकर लोगों से मिलूंगा। अभी आदेश नहीं देखा है कि किस आदेश के तहत रिहाई हुई है। -तेजवीर सिंह गुड्डू, पूर्व जिपं अध्यक्ष, अलीगढ़