थाना गांधीपार्क क्षेत्र के दुबे के पड़ाव स्थित एक होटल में सालभर पहले हुई सिपाही की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। सिपाही के परिजनों ने आरोप लगाया कि बेटे ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या की गई थी। सोमवार को इस मामले में न्याय की खातिर एसएसपी दफ्तर पर पोस्टर लगा दिए। आगरा के थाना कागारौल क्षेत्र के मोहल्ला बैमन निवासी लोकेन्द्र सिंह चाहर सिपाही थे।
पुलिस कंट्रोल रूम में उनकी तैनाती थी। बीते आठ मार्च 2021 को दुबे के पड़ाव स्थित एक होटल के कमरे में सिपाही का शव मिला था। अंदर से कमरे का दरवाजा बंद था। पुलिस इस घटना को को आत्महत्या मान रही थी। परिजनों का आरोप है कि एक साल बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। सोमवार को सिपाही के भाई महेश चाहर परिजनों के साथ एसएसपी दफ्तर पहुंचे। उन्होंने दफ्तर के बाहर दीवार पर पोस्टर लगा दिए। पोस्टर में सिपाही लोकेंद्र सिंह को न्याय दो, हत्यारों को गिरफ्तार करो, हत्यारों को फांसी की सजा दिलाओ। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मामले में जांच कराई जाएगी , जो भी सच्चाई सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई होगी। ब्यूरो