हालांकि अभी कोई नुकसान का आकलन नहीं हुआ है लेकिन दस गांव की खेती का रकबा देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब बीस हजार बीघा फसल को नुकसान पहुंचा है। क्योंकि फसलें पूरी तरह से डूबी हुईं हैं। किसानों का कहना है कि चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। पशुओं के लिए चारा भी नहीं है। नगला चंडी के कल्लू सिंह और नगला रामस्वरूप के प्रिंस शर्मा ने बताया कि दूर तक खेत तो दिख ही नहीं रहे हैं। हर तरफ पानी ही पानी है। ऐसे में फसल तो कहीं बची ही नहीं होगी।
पानी कम होने पर होगा नुकसान का आकलन
अलीगढ़ के एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार ने बताया कि राहत के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। जब यमुना का पानी उतर जाएगा तब नुकसान का आकलन कराया जाएगा। किस फसल को नुकसान पहुंचा है इसकी भी जांच कराई जाएगी।
बाढ़ राहत कोष में वेतन देंगे रालोद सांसद व विधायक
राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष चौधरी हम्वीर सिंह ने कहा कि उत्तर भारत में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बाढ़ राहत कोष में पार्टी के सांसद, विधायक व एमएलसी एक महीने का वेतन देंगे। उन्होंने कहा कि यह आदेश राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने दिए हैं। यह सराहनीय कदम है। हम सबको बाढ़ पीड़ितों की मदद करनी चाहिए।