गांव के गेट पर आंबेडकर जयंती पर बाबा साहेब के झंडे लगाए गए। श्रावण मास के सोमवार को गेट पर बाबा साहेब के झंडे के पास भगवा रंग के हनुमानजी व श्रीराम के बड़े झंडे लगा दिए थे। इसी को लेकर दोनों समाज के लोगों में तनातनी हो गई थी
गांव बढ़ारी बुजुर्ग के मुख्य गेट पर झंडा लगाने का विवाद 23 जुलाई को फिर गरमा गया। दो पक्षों के लोगों के बीच तनातनी होने पर पुलिस ने आठ लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। गेट से सभी झंडों को हटा दिया गया है।
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थाना पुलिस ने बताया कि गांव का मुख्य गेट लोहे का बना हुआ है, इस गेट पर आंबेडकर जयंती पर अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा बाबा साहेब के झंडे लगाए गए थे। श्रावण मास के सोमवार 21 जुलाई को कुशवाहा समाज के कुछ लोगों ने गेट पर बाबा साहेब के झंडे के पास भगवा रंग के हनुमानजी व श्रीराम के बड़े झंडे लगा दिए थे। इसी को लेकर दोनों समाज के लोगों में तनातनी हो गई थी। पुलिस ने तीन युवक को पकड़ लिया था, जिसमें दोनों समाज के लोगों में राजीनामा होने के कारण पुलिस ने पकड़े गए तीनों युवकों को छोड़ दिया।
इसी मामले में 23 जुलाई की सुबह फिर दोनों समाज के लोगों में तनातनी और हंगामा होने लगा। सूचना पर गांव पहुंची पुलिस ने दोनों समाज के आठ लोगों को पकड़ कर हवालात में बंद कर दिया है। गेट पर लगे सभी झंडों को उतरवा दिया है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों पक्षों से गांव के अमित कुमार, मनीष कुमार, सचिन, दिनेश, शिवम, अभिषेक, दीपक और गांव कदमपुर निवासी जितेंद्र को शांतिभंग में जेल भेज दिया है।