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Aligarh: फाइनेंस कंपनी कर्मी से दिनदहाड़े साढ़े पांच लाख लूटे, लूट सीसीटीवी कैमरे में कैद, मुकदमा दर्ज

Thu, 13 Jun 2024 11:28 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट बरौला इलाके में वसूली करता घूम रहा था। वह मधुवन कालोनी बरौला जाफराबाद की गली से निकल रहा था। तभी पैदल आए दो युवकों ने उसे रोका और तमंचा दिखाकर हाथापाई करते हुए बैग छीनकर भाग लिए।

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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई लूट - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र के बरौला जाफराबाद इलाके में 13 जून दिनदहाड़े फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से साढ़े पांच लाख रुपये लूट लिए गए। घटना उस समय हुई, जब फाइनेंस कर्मी दोपहर करीब साढ़े बारह बजे रिकवरी करते हुए बाजार में घूम रहे थे। घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, दो बदमाश बैग छीनकर भागते पाए गए हैं। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।  <iframe src="https://hyperlocal-source-video.amarujala.com/uploaded_videos/hyperlocal_videos/2024/06/13/1ShOBaG.mp4" width="640" height="480" frameborder="0" allowfullscreen></iframe>

तथ्यों व सवालों के आधार पर लूट का शिकार कर्मचारी भी सवालों के घेरे में है। मूल रूप से भदेसी गांधीपार्क हाल निवासी रावणटीला निवासी प्रशांत कुमार उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट (सीआरओ) के तौर पर काम करता है। वह 13 जून को बरौला इलाके में वसूली करता घूम रहा था। दोपहर करीब सवा बारह बजे तक उसने तीन महिला समूहों की प्रमुखों से करीब साढ़े पांच लाख रुपये वसूलकर एकत्रित किए थे। इस दौरान उसने सबसे पहले गुड्डी नाम की महिला से, कुसुमलता नाम की महिला से और तीसरा पुष्पा नाम की महिला के घर से रुपये उठाए। तीसरी वसूली कर वह मधुवन कालोनी बरौला जाफराबाद की गली से निकल रहा था। 

तभी पैदल आए दो युवकों ने उसे रोका और तमंचा दिखाकर हाथापाई करते हुए बैग छीनकर भाग लिए। गली से बाहर आने पर वे एक बाइक पर सवार होकर भाग गए। बाइक को पहले से एक बदमाश स्टार्ट कर खड़ा था। करीब साढ़े बारह बजे हुई इस घटना की सूचना उसने अपने अधिकारियों को दी। अधिकारी मौके पर आए। वहां से काफी देर तक डायल-112 पर नंबर मिलाया। जब नंबर नहीं मिला तो वे पुलिस चौकी आईटीआई गए। वहां किसी के न मिलने पर फिर थाने पहुंचे। तब जाकर पुलिस हरकत में आई। 

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सूचना पर एसपी सिटी, सीओ सहित पूरा अमला पहले मौके पर पहुंचा। फिर जांच पड़ताल के दौरान सर्विलांस व स्वाट टीम बुला ली गई। लूटे गए बैग में साढ़े पांच लाख रुपया होना बताया गया। देर शाम तक पुलिस ने प्रशांत से पूछताछ की। देर रात कंपनी के सहायक प्रबंधक कुलदीप कुमार की ओर से दी गई तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें रकम के अलावा कंपनी का मोबाइल जाने का भी उल्लेख किया है। प्रशांत से किए गए सवालों के आधार पर पुलिस घटना पर सवाल खड़े कर रही है। सीओ द्वितीय आरके सिसौदिया के अनुसार मामले में सीसीटीवी आदि साक्ष्य देखे जा रहे हैं।

सीसीटीवी में लुटेरे कैद, पर प्रशांत सवालों में उलझा 
इस घटना में एक सीसीटीवी पुलिस के हाथ लगा है। जिस गली में प्रशांत से बैग लूटा गया, उसके मुहाने पर बाइक सवार तीन नकाबपोश आकर खड़े हुए हैं। उनमें से दो बाइक से उतरकर गली में गए हैं और चंद सेकेंड बाद ही वे प्रशांत से बैग छीनकर बाहर आते पाए गए। फिर पहले से बाइक पर मौजूद युवक के साथ बाइक पर सवार होकर भाग गए। यह पूरा घटनाक्रम महज सात सेकेंड का है। मगर प्रशांत ने देर शाम तक जो जानकारियां दीं, उनमें वह खुद फंसता नजर आ रहा है। पहला तो यह कि वह अपने अधिकारियों को सूचना देकर मौके पर ही लेटा रहा। पंद्रह मिनट बाद जब अधिकारी पहुंचे तो वह मौके पर लेटा था। उसने पहले पैर में चोट की सूचना दी। 

मगर बाद में पता चला कि उसके कोई चोट नहीं है। उसका कहना था कि जब बदमाशों ने तमंचा दिखाया तो उसने उस पर हाथ मारा, जो उसके पैर पर गिरा। तीसरा ये कि अपनी सुबह की तीनों रिकवरी के दौरान बाइक सवार बदमाशों से मिलते जुलते युवकों से वह एक जगह मिला है। अब वे लोग बदमाश थे या कोई और, अभी इस पर तस्वीर साफ होना बाकी है। तीसरा उसने तीन मिनट का घटनाक्रम बताया था। मगर पूरी घटना सिर्फ सात सेकेंड की है। जो सीसीटीवी में कैद है। सबसे आखिरी बात ये कि यह रकम कंपनी के नियम के अनुसार बीमित है। इसलिए कंपनी को रकम को लेकर कोई चिंता नहीं है। फिलहाल देर रात उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। जांच व पूछताछ के लिए फिर से बुलाया गया है। उसके बाद ही तस्वीर साफ होगी।

पहले भी हुई हैं इस तरह की लूट
इस तरह की रिकवरी एजेंट या रकम को इधर से उधर पहुंचाने वाले एजेंटों संग शहर में पहले भी लूट हुई हैं। इनमें अपनों के द्वारा ही लूट कराना उजागर हुआ है। इसके पीछे मूल वजह यही निकली है कि रकम बीमित थी। इसलिए लूट रची गई। इसके चलते भी इस तरफ पुलिस का ध्यान जा रहा है। बाकी सच जांच में सामने आएगा।
 

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