जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि फास्फेटिक उर्वरकों (डीएपी व एनपीके) की जिले में कोई कमी नहीं है। किसान आधार कार्ड व जोत बही के आधार पर ही आवश्यकतानुसार उर्वरक खरीदें।
अलीगढ़ जिले में खाद को लेकर चली मारामारी की खबरें अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद 2 अक्टूबर को कृषि विभाग की नींद खुली और गांधी जयंती का अवकाश होने के बाद भी समितियों पर खाद पहुंचाई गई। जिला कृषि अधिकारी सुबह ही पीसीएफ बफर भुकरावली एवं धनीपुर पहुंच गए और समितियों के लिए खाद को रवाना कराया।
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जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि फास्फेटिक उर्वरकों (डीएपी व एनपीके) की जिले में कोई कमी नहीं है। किसान आधार कार्ड व जोत बही के आधार पर ही आवश्यकतानुसार उर्वरक खरीदें।
उन्होंने बताया कि पीसीएफ बफर भुकरावली एवं धनीपुर से 2 अक्टूबर को सहकारी समिति आमदापुर, (बिजौली) को 18टन, जुलूपुर सिहौर (धनीपुर) 18 टन, सहकारी समिति बढ़ेसरा (बिजौली) 18 टन, सहकारी समिति पिलखुनिया (इगलास) 18 टन बैग, सहकारी समिति, कुलवा (लोधा) 18 टन, सहकारी समिति, गोलारा (इगलास) 18 टन, सहकारी समिति गौमत (खैर) 18 टन, सहकारी समिति खैर उत्तरी (खैर) 18 टन तथा कृभको धनीपुर मंडी 55 टन, आईएफएफडीसी करवन नदी 12.50 टन, आईएफएफडीसी मंगलायतन 10 टन, आईएफएफडीसी बेसवां 10 टन, आईएफएफडीसी मडराक 10टन, आईएफएफडीसी अरनी 15 टन, आईएफएफडीसी गोपी 05 टन, एग्री जंक्शन कृषि केंद्र लोधा 06 टन आपूर्ति हुआ है, जिसका वितरण गुरुवार से किया जाएगा।