अलीगढ़ में गभाना के नगला बंजारा में तीन वर्ष पहले हुई महिला की हत्या में चार वर्ष के बेटे की गवाही पर अदालत ने पिता अखिलेश को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह निर्णय एडीजे-4 संजय कुमार यादव की अदालत ने सुनाया है। मुकदमे में वादी सहित परिवार के सभी गवाह मुकर गए। अदालत ने पांच गवाहों को पक्षद्रोही करार दिया है। साथ में झूठी गवाही देने पर वादी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 10 फरवरी 2022 की है। वादी मुकदमा अमृतपुर चंडौस के रामअवतार के अनुसार उन्होंने अपनी बहन सावित्री (32) की शादी घटना से 12 वर्ष पहले नगला बंजारा के अखिलेश संग की थी। घटना वाले दिन सुबह पांच बजे उन्हें खबर मिली कि उनकी बहन ने फंदे पर लटककर जान दे दी है।
घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि उनकी बहन को पति अखिलेश व ससुराल के लोगों ने गला दबाकर मारा है। पुलिस ने अखिलेश को जेल भेजकर हत्या में चार्जशीट दी। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अखिलेश को दोषी करार देकर उम्रकैद व बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
इस मुकदमे में प्रमुख गवाह पक्षद्रोही हो गए। बेटे ने यह साबित किया कि पिता घर पर ही था। चिकित्सक ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट साबित की। इस आधार पर सजा सुनाई है। वादी राम अवतार के खिलाफ वाद दर्ज कर एक सप्ताह में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। - जेपी राजपूत, एडीजीसी