उन्होंने मामले में आरटीआई दायर की। जिसमें क्वार्सी थाना प्रभारी की ओर से जवाब दिया गया कि इस मामले में अदालत को थाना प्रभारी ने इस तारीख पर कोई रिपोर्ट नहीं दी। थाना प्रभारी की इस रिपोर्ट पर एसपी सिटी स्तर से जांच कराई गई। जिसमें यह पाया गया कि खुद राजकुमार गोयल, योगेश गोयल व उनकी पत्नी वर्षा गोयल ने कूटरचित तरीके से थाने की रिपोर्ट बनाकर, मोहर लगाकर अनुचित तरीके से कोर्ट में पेश करा दी है। संपत्ति विवाद में गलत तरीके से लाभ प्राप्त करने के इरादे से ये किया। इसी आधार पर तीनों पर क्वार्सी में फर्जीवाड़ा करने का मुकदमा दर्ज किया है।
सीओ तृतीय अभय पांडेय ने मुकदमे की पुष्टि करते हुए कहा कि एक ही दिन में ये सब किया गया। पुलिस पेशकार तक को इसकी भनक नहीं लगने दी गई। इसी आधार पर तीनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें कि इसी मामले में पिछले दिनों पुलिस द्वारा अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज न करने पर अवमानना याचिका भी अदालत में दायर की गई थी।