राधा इंडस्ट्रियल गैसेस के संचालक अरुण अग्रवाल पर कार्रवाई के मामले में ड्रग विभाग और जिला उद्योग केंद्र ने पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे में दो दिन में अभी तक यही तय नहीं हो सका है कि आखिर कौन सा विभाग कार्रवाई करेगा। जिला उद्योग केंद्र ने अपना और ड्रग विभाग ने अपना हाथ मामले में पीछे खींच लिया है। इधर, जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए पूरे मामले में कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
बता दें कि साथा में राधा इंडस्ट्रियल गैसेस के नाम से फर्जी प्लांट संचालित मिलने पर प्लांट मालिक अरुण अग्रवाल को पकड़ा गया था। प्लांट के भीतर से 300 ऑक्सीजन गैस सिलिंडर, चार गाड़ियां व अन्य उपकरण बरामद हुए थे। मौके पर प्लांट संचालक मान्यता संबंधी कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके थे। जांच करने पर पता लगा कि उसने सात सितंबर को ही लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। अलीगढ़ के साथ ही वह गैस के सिलिंडर एटा, कासगंज और हाथरस भी भेजते थे। डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। मगर, ड्रग इंस्पेक्टर ने लिखित में यह दिया है कि उनके विभाग का संबंध सिर्फ मेडिकल ऑक्सीजन गैस से है। प्लांट में इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन गैस का भी उत्पादन किया जा रहा था। इसमें जिला उद्योग की जिम्मेदारी देखी जाए। मगर, जीएम डीआईसी ने साफ तौर पर कहा कि उनके विभाग को इससे कोई लेनादेना नहीं है।
उच्च स्तरीय अधिकारियों को डीएम ने जब इस संबंध में वार्ता के लिए बुलाया तो कुछ अधीनस्थों की लापरवाही और प्लांट संचालक के साथ सांठगांठ की बात भी सामने आ रही है। इस पर डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि उन्हें दो दिन के भीतर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट चाहिए।
डीएम से मिले विधायक संजीव राजा, गैस आपूर्ति की मांग
विधायक संजीव राजा भी ऑक्सीजन गैस के प्रकरण में डीएम चंद्रभूषण सिंह से मिलने पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि दिवाली नजदीक आ रही है। मूर्तिकारों को इस समय काम के लिए ऑक्सीजन गैस की सप्लाई की बेहद आवश्यकता रहती है। यह सुनिश्चित किया जाए कि उनको किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। गैस के दाम अधिक न वसूले जाएं। इस पर डीएम ने उन्हें विश्वास दिलाया कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। भरपूर मात्रा में गैस है। जिले में चार प्लांट हैं। उन पर एक-एक अधिकारी को लगाया जाएगा वह उत्पादन और सप्लाई की निगरानी करेंगे।