प्रदर्शनी में नीम, गिलोय, एलोवेरा, अशोक, अश्वगंधा, इंसुलिन, सीता, बेलपत्र, जामुन, मेथी, अजवाइन, करी पत्ता, तुलसी, आंवला, गुड़हल, चमेली, बेला, लहसुन आदि के पौधे रहे, जिनके फल, फूल, तना, पत्ती आदि को विभिन्न उद्देश्यों से प्रयोग में लाया जाता है।
अलीगढ़ के राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में औषधि के 60 पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई। सभी पौधे एक से बढ़कर एक गुण वाले थे।
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प्रदर्शनी में नीम, गिलोय, एलोवेरा, अशोक, अश्वगंधा, इंसुलिन, सीता, बेलपत्र, जामुन, मेथी, अजवाइन, करी पत्ता, तुलसी, आंवला, गुड़हल, चमेली, बेला, लहसुन आदि के पौधे रहे, जिनके फल, फूल, तना, पत्ती आदि को विभिन्न उद्देश्यों से प्रयोग में लाया जाता है।
कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही औषधि के पौधों और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का समृद्ध भंडार रहा है, जिसे पुनः पहचान दिलाने की आवश्यकता है। कोविड के समय सभी ने गिलोय, दालचीनी, हल्दी का प्रयोग किया था। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. नीता वार्ष्णेय रहीं।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक धीरेंद्र कुमार, उपकुलसचिव कैलाश बिंद, प्रो. इंदु वार्ष्णेय, प्रो. अंजना कुमारी, डाॅ. सफदर हाशमी, डॉ. केशव शर्मा, डॉ. गगन प्रताप सिंह, डॉ. सुरभि गुप्ता आदि मौजूद रहीं।