आधी अधूरी सजधज के साथ ही राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी (अलीगढ़ महोत्सव-2016) का शुभारंभ गुरुवार को परंपरागत रूप से हुआ। मुख्य अतिथि मंडलायुक्त चंद्रकांत ने आयोजन के विधिवत उद्घाटन की घोषणा करते हुए कहा कि ‘मैं राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी 2016 के उद्घाटन की घोषणा करता हूं और जनता को धन्यवाद देता हूं’।
डीएम डॉ. बलकार सिंह ने कहा कि इस बार से आयोजन में हॉर्स शो की शुरुआत हो रही है। साथ ही इसके स्वरूप को भी और भव्य बनाया जा रहा है। इसीलिए इस बार आयोजन को अलीगढ़ महोत्सव 2016 के नाम से आयोजित किया जा रहा है।
कमिश्नर चंद्रकांत ने डीएम डॉ. बलकार सिंह, एसएसपी जे रविंद्र गौड़ के साथ फीता काटा। साथ ही शांति के प्रतीक कबूतरों को उड़ाया। गुब्बारे उड़ाकर सद्भाव का संदेश आसमान में छोड़ दिया। इसके बाद सभी गणमान्य अतिथियों ने औद्योगिक कक्ष और कृषि कक्ष का उद्घाटन किया।
उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के अध्यक्ष और प्रसिद्ध गीतकार पद्मभूषण गोपालदास नीरज ने कहा कि यह नुमाइश सृजन को मंच प्रदान करती है। साथ ही ललित कलाओं को मुखर होने का अवसर देती है। कमिश्नर चंद्रकांत ने कहा कि इस बार यह प्रदर्शनी अलीगढ़ महोत्सव के रूप में आयोजित की जा रही है।
नए नाम और स्वरूप के साथ प्रदर्शनी यादगार बने, ऐसी वह कामना करते हैं। प्रदेश सरकार के पर्यटन सलाहकार ख्वाजा हलीम ने कहा कि अलीगढ़ की नुमाइश प्रशासन के लिए इम्तिहान की घड़ी होती है। डीआईजी गोविंद अग्रवाल ने कहा कि बेहद भव्य आयोजन के लिए प्रशासन बधाई का पात्र है। महापौर शकुंतला भारती ने आयोजन की सराहना की। एडीएम सिटी अवधेश कुमार तिवारी ने नुमाइश के महत्व और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।
अतिथियों को नुमाइश प्रशासन की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए गए। संगीतिका कला केंद्र, दुर्गा सांस्कृतिक केंद्र, विजडम पब्लिक स्कूल, विश्व भारती पब्लिक स्कूल, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने भारत की अलग अलग संस्कृतियों को समेटे हुए नृत्य प्रस्तुत किए। संगीतिका कला केंद्र की मीनाक्षी नागपाल और दुर्गा सांस्कृतिक कला केंद्र की पूनम सारस्वत को सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. राकेश सक्सेना और नीलम शर्मा ने किया।