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अलीगढ़ः जीवनगढ़ में प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 165 लीटर पानी मिलेगा

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जीवनगढ़ में नवनिर्मित पानी टंकी। संवाद - फोटो : CITY OFFICE
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सब कुछ ठीक रहा तो सितंबर के बाद जीवनगढ़ में प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 165 लीटर पानी मिलेगा। तीन हजार केएल -30 लाख लीटर- क्षमता का पानी टंकी बनकर तैयार हो गया है। भूमिगत जलाशय, नलकूप एवं पाइप लाइन आदि का काम चल रहा है।
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जीवनगढ़ के लोग पानी की भीषण समस्या से जूझ रहे हैं। दूषित जल की आपूर्ति से कई लोग बीमार हो गए हैं। पुरानी पाइप लाइन में लीकेज एवं दूषित जल घरों तक पहुंचने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। अमृत योजना के तहत चल रहा प्रोजेक्ट पूरा हो गया होता तो समस्या इतनी भयावह रूप में सामने नहीं आती। अमृत योजना के अंतर्गत जीवनगढ़ क्षेत्र में घरों तक पानी की आपूर्ति के लिए काम चल रहा है। यह काम जनवरी 2021 में पूरा होना था, लेकिन कोविड के कारण समय से पूरा नहीं हुआ। कुछ अन्य दिक्कतें भी आई। अब सितंबर 2021 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जीवनगढ़ में तीन हजार केएल तीस लाख लीटर क्षमता का टंकी बनकर तैयार है। इसके साथ ही यहां पर 11 नलकूप के 1500 केएल 15 लाख लीटर पानी को सुरक्षित रखने के लिए भूमिगत जलाशय बन रहा है। पानी टंकी एवं नलकूप आदि का काम देख रहे ठेकेदार के इंजीनियर अशोक कुमार का कहना है कि तीन हजार केएल का टंकी है। अभी जलनिगम को हैंडओवर नहीं किया गया है। कुछ नलकूप को बिजली कनेक्शन का इंतजार है। ट्रायल का काम चल रहा है। पानी टंकी के अतिरिक्त 1500 केएल -15 लाख लीटर- का भूमिगत जलाशय बन गया है। यहां 11 नलकूप का पानी आएगा। 11 में से 8 नए और 3 पुराने नलकूप हैं। अभी सिर्फ तीन नलकूप का पानी यहां आ रहा है। जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज रंजन ने कहा कि अमृत योजना का यह प्रोजेक्ट जनवरी 2021 में पूरा होना था लेकिन कोविड के कारण पूरा नहीं हुआ। बीच में कुछ अन्य व्यवधान भी आए, जिसे दूर कर लिया गया है। अब सितंबर 2021 में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। युद्धस्तर पर काम चल रहा है। परियोजना पूरा होने के बाद जीवनगढ़ क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को 165 लीटर पानी प्रत्येक दिन उपलब्ध होगा।
चार दिन बाद भी जीवनगढ़ में पानी की समस्या बरकरार
जीवनगढ़ में चार दिन से पानी की भीषण समस्या बरकरार है। नगर निगम के आश्वासन के बाद कोई सुधार नहीं हुआ है। इसकी वजह से अभी भी कई लोग बीमार है। कुछ का उपचार चल रहा है। दूषित पानी की आपूर्ति के कारण लोग पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं। मोहल्ले की संकरी गलियों में टैंकर भी नहीं पहुंच रहा है। लोग दूर-दूर से बाल्टी में पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं।
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लाल एवं बदबूदार पानी की आपूर्ति के बाद 22 जुलाई से लोग नल का पानी नहीं पी रहे हैं। आरोप है कि गंदा पानी पीने से एक बच्चे की मौत एवं कई बीमार हो गए। नगर निगम द्वारा दो दिन में जलापूर्ति की समस्या दूर करने का आश्वासन दिया गया था। चार दिन गुजर जाने के बाद भी नागरिकों को स्वच्छ पानी नसीब नहीं हुआ है। बच्चे-बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। रविवार को भी एक बुजुर्ग महिला को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कुछ लोग 30 रुपये में 25 लीटर का पानी का बोतल खरीद कर काम चला रहे हैं। जबकि ज्यादा लोग टैंकर के पानी पर निर्भर है। जीवनगढ़ के गली नंबर 5 और 6 के अतिरिक्त अन्य कुछ संकरी गलियों में टैंकर नहीं पहुंच पा रहा है। महाप्रबंधक जल अनवर ख्वाजा का कहना है कि जीवनगढ़ में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। 20 स्थानों पर पानी की टेस्टिंग की गई है। नालों की सफाई कर लीकेज का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही लीकेज का पता लगाकर बंद कर दिया जाएगा। पानी की समस्या जल्द दूर कर दी जाएगी।
पाइप लाइन में लीकेज के कारण गंदा पानी नलों से आ रहा है। ठीक से आपूर्ति नहीं होने के कारण लोग पुराने कनेक्शन को नए से जोड़ दिए हैं। नई लाइन में भी लीकेज देखने में आया है। चार दिन गुजरने के बावजूद स्वच्छ पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। अभी भी लोग बीमार हो रहे हैं। जल निगम एवं नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा आम आदमी भुगत रहा है।
- शाहिद मलिक, पार्षद, वार्ड नंबर 57
गंदा पानी पीने से कई दिनों से बीमार हूं। उल्टी, दस्त व पेट दर्द है। दो हजार रुपये से अधिक इलाज में खर्च हो चुका है। नलों से अभी भी गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। इसकी वजह से 25 लीटर का पानी का बोतल 30 रुपये में खरीद कर पीना पड़ रहा है। पानी की वजह से मुहल्ले के लोग बहुत परेशान है। समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें।
- हाजरा, केलानगर पत्थरवाली गली
पानी के लिए लोग बहुत परेशान हैं। जीवनगढ़ में कई गलियां ऐसी है, जहां टैंकर नहीं जा सकता है। इसकी वजह से लोगों को बाल्टी में पानी भर कर दूर-दूर तक ले जाना पड़ता है। गली नंबर 5, 6 और बिहारीनगर में सबसे अधिक समस्या है। हमलोग टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
- अजहर, टैंकर ट्रैक्टर ड्राइवर
महापौर नहीं आए देखने : पार्षद
पार्षद शाहिद मलिक कहते हैं कि जीवनगढ़ में एक बच्चे की मौत हो गई। कई लोग बीमार हुए लेकिन महापौर मो. फुरकान देखने तक नहीं आए। महापौर मो. फुरकान का कहना है कि मौत के मुंह से बच कर आया हूं। अभी दवा चल रही है। इसलिए एहतियात के तौर पर कही नहीं जा रहा हूं। जीवनगढ़ की समस्या को दूर करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा हूं। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी लगे हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहा हूं।
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