गांवों में दस घंटे बिजली आपूर्ति का दावा है, लेकिन छह घंटे ही आपूर्ति हो रही है। वह भी सुबह-शाम दो शिफ्ट में। इससे मक्का और बाजरा के खेतों सहित आड़ू, जामुन, आम और अमरूद के बागों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे फसलों पर प्रभाव पड़ने की आशंका में किसान और बागवान दोनों ही चिंतित हैं।
किसानों के अनुसार दिन में दो शिफ्ट में बिजली की जो आपूर्ति मिल रही है, उसमें भी लो वोल्टेज की समस्या है। इससे मक्का और बाजरा की फसल में सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसान मानी चौधरी, अमरपाल सिंह, प्रताप सिंह कुंतल ने कहा कि गांवों में दस घंटे बिजली देने का विद्युत विभाग का दावा हकीकत से कोसों दूर है।
इसके अलावा आए दिन तार टूटकर गिरते हैं, जिससे फाल्ट होने से आपूर्ति बाधित रहती है। वहीं दो शिफ्ट में आपूर्ति मिलने से खेतों और बागों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसानों ने एक बार में ही छह घंटे की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
सुबह चार और शाम दो घंटे ही बिजली की आपूर्ति मिल रही है। इससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। मक्का-बाजरा सहित फलों के बागों में सिंचाई की बेहद जरूरत है।- हेमंत गुप्ता, किसान।
सभी किसान दो शिफ्ट में मिल रही आपूर्ति नहीं चाहते। पहले की तरह ही एक बार में पूरी आपूर्ति दी जाए। ऐसा न होने पर किसान बिजलीघरों पर प्रदर्शन करने पर बाध्य होंगे।- प्रशांत मुद्गल, किसान।
लो वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए बिजलीघर में आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। जल्द ही लो वोल्टेज की समस्या दूर होगी। आपूर्ति कंट्रोल रूम के रोस्टर के अनुसार ही दी जा रही है।- आशीष यादव, जेई।