सीएम आवास पर आत्महत्या की घोषणा करने वाले आठ लोग हिरासत में लिए
चकबंदी की समस्याएं दूर नहीं होने पद दी थी आत्महत्या की चेतावनी
दो लोग दो दिन पूर्व, छह लोग हाथरस जंक्शन स्टेशन पर धरे गए
डीएम के निर्देश पर थाने में एसडीएम ने सुनी पीड़ितों की समस्याएं
चकबंदी अधिकारी-कर्मियों को दलालों से दूर रहने की दी हिदायत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हसायन (हाथरस)। चकबंदी में अनियमितताओं की शिकायतों का निपटारा नहीं होने से नाराज होकर दो सितंबर को मुख्यमंत्री आवास पर आत्महत्या की घोषणा करने वाले आठ लोगों को लखनऊ पहुंचने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दो लोगों को तो दो दिन पूर्व ही हिरासत में लेकर उनका धारा 151 के तहत चालान कर दिया, जबकि रविवार की सुबह कालका मेल ट्रेन द्वारा हाथरस जंक्शन से लखनऊ जाने की तैयारी कर रहे छह और लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
डीएम के निर्देश पर एसडीएम सिकंदराराऊ रामजी मिश्र कोतवाली हसायन पहुंचे और सभी पीड़ित लोगों से चकबंदी अधिकारी एचडी पाल की मौजूदगी में वार्ता की। एसडीएम ने पीड़ितों को सभी समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। उन्होंने चकबंदी अधिकारी को मालियत का खेल बंद करके चकबंदी के प्रारूप को सही करने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने पीड़िताें को बताया कि एक टीम गठित की गई है, जिसमें तहसील से एक डिप्टी कलेक्टर के साथ चकबंदी अधिकारी रहेंगे, जो शिकायतों की निष्पक्ष जांच करके सभी को न्याय दिलाएंगे। कुछ लोगों द्वारा गांव गोपालपुर में राधा पत्नी सियाराम की जमीन के फर्जी बैनामे का मामला भी उठाया गया। रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति ने बताया कि उसके द्वारा मात्र चार बीघा जमीन का ही बैनामा कराया गया है। बाकी जमीन का उनके ससुर द्वारा कोई बैनामा नहीं कराया गया है, फिर भी चकबंदी विभाग कह रहा है कि उनकी बाकी जमीन बिक गई है। लिहाजा इसकी निष्पक्ष जांच कर उसको फर्जी करार दिया जाए और चकबंदी में उनके चक को स्थापित कराया जाए।
एसडीएम ने बताया कि दो शिकायतों का पूर्व में भी निस्तारण कर दिया गया है, जिसकी जानकारी संबंधित पक्षों
को नहीं थी, जबकि अन्य मामलों के गठित टीम के सहयोग से शीघ्र निस्तारण के लिए चकबंदी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। गांव की जो 10 एकड़ जमीन अज्ञात व्यक्ति के नाम दर्ज है, उसे भी ग्राम पंचायत में दर्ज कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि उत्तम चंद्र को 1975 में पट्टा किया गया था, वह अभी तक उस स्थान पर काबिज नहीं है, उसे भी शीघ्र काबिज करने के निर्देश दिए गए हैं। बाबू सिंह नाम के व्यक्ति को अभी तक जीवित दिखाया जा रहा है। उसकी शीघ्र जांच कर निस्तारण कराया जाएगा। दबंग और दलालों से सभी चकबंदी अधिकारियों को दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई।
उन्होंने बताया कि मालियत का जो खेल चल रहा था, वह नहीं चलेगा। सभी पक्षों को जिनके नाम पर जो जमीन दर्ज है, उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। लखनऊ जाने से पहले जिन लोगों को हिरासत में लिया गया, उनमें अर्जुन सिंह पुत्र कल्याण सिंह, सत्येंद्र कुमार पुत्र हाकिम सिंह, उत्तम चंद पुत्र होतीलाल, दुष्यंत पुत्र कल्याण सिंह, विजयपाल और राधा पत्नी सियाराम शामिल हैं। शिकायतकर्ता सचिन पाल सिंह ने बताया कि दो शिकायतों का एसडीएम के निर्देश पर निस्तारण कर दिया गया है। बाकी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कर दिया जाएगा तो वह आंदोलन खत्म कर देंगे। यदि उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो उनका आंदोलन जारी रहेगा।