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हादसे में दरोगा के बेटे की मौत, नर्सिंग होम में हंगामा

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सड़क दुर्घटना में एसआई के बेटे की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस विलाप करते परिजन। - फोटो : CITY OFFICE
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महानगर के रामघाट रोड तालानगरी के पास शनिवार रात सड़क दुर्घटना में दरोगा के बेटे की मौत हो गई। मूल रूप से बुलंदशहर के नरौरा क्षेत्र के रहने वाले दरोगा की यहां विजिलेंस थाने में तैनाती है। युवक की मौत की खबर पर परिवार में कोहराम मच गया और रविवार सुबह पोस्टमार्टम केंद्र पर करुण क्रंदन से माहौल गमगीन रहा। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इधर, शनिवार रात में दरोगा के घायल बेटे को इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे लोगों और अस्पताल स्टाफ में इलाज को लेकर विवाद हो गया। यहां दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दे दी। खबर पर पहुंची पुलिस ने इनमें से एक युवक को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। जिसे सुबह मृत युवक के परिजनों की सहमति पर ही छोड़ा गया।
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वाकये के अनुसार आवेश (29) पुत्र विजय सिंह निवासी पिलखना, नरौरा, बुलंदशहर टैक्सी संचालन का काम करता था। दरोगा पिता विजय सिंह की चार दिन पहले आगरा के खेड़ा राठौर थाने से अलीगढ़ के बारहद्वारी स्थित विजलेंस थाने में तैनाती हो गई है। इसके चलते युवक परिवार सहित क्वार्सी के पीएसी स्थित सुखरावली रोड इलाके में किराए के मकान में आकर रहने लगा था। शनिवार शाम उसकी पिता से किसी बात को लेकर अनबन हुई थी।
इसके बाद वह रात करीब दस बजे अचानक यहां से गांव पिलखना जाने के लिए अपनी अपाचे बाइक लेकर निकल गया। तभी रामघाट रोड स्थित डीपीएस के पास उसे किसी अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। हादसे के बाद आरोपी तो फरार हो गया, जबकि कार सवार अन्य युवक खून से लथपथ पड़े आवेश को अपनी कार में डालकर क्वार्सी के निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचा।
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यहां उसकी हालत बेहद नाजुक होने के कारण नर्सिंग होम स्टाफ ने देखते ही उसे तत्काल जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। आरोप है कि घायल को लेकर पहुंचे युवकों और नर्सिंग होम स्टाफ का इस बात पर विवाद हुआ कि आप इलाज क्यों नहीं कर रहे। इसे लेकर वहां मारपीट तक हो गई। इसी बीच सूचना पर पुलिस पहुंच गई।
पहले तो पुलिस ने युवक को जेएन मेडिकल कालेज पहुंचाया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस दौरान पुलिस के सामने अस्पताल प्रशासन ने घायल को लेकर आए युवकों पर बेवजह हंगामा खड़ा करने का आरोप लगाया तो पुलिस ने एक युवक को कार सहित हिरासत में ले लिया। हालांकि घायल को लेकर आए लोगों का कहना था कि हमने तो सिर्फ तत्काल इलाज करने पर जोर दिया था। यह लोग देखने तक को तैयार नहीं थे। इसी बात पर विवाद हुआ था और हमारे साथ मारपीट तक की गई। साथ ही हमारे एक साथी को थाने भेज दिया गया।
इधर, इसी बीच मृत युवक की बाइक नंबर के आधार पर शिनाख्त हो गई और परिवार को सूचना दे दी गई। परिजनों को हादसे की सूचना मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। इंस्पेक्टर क्वार्सी विनोद कुमार के अनुसार शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। अभी परिवार ने किसी के खिलाफ तहरीर नहीं दी है। घायल को लेकर आए जिस युवक को हिरासत में लिया था, उसे मृत युवक के परिजनों की सहमति पर छोड़ दिया गया है। हालांकि नर्सिंग होम की ओर से उन युवकों के खिलाफ तहरीर मिली है। जिसकी जांच की जा रही है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि किस वाहन से टक्कर हुई थी। परिवार जो भी तहरीर देगा उस पर कार्रवाई होगी।
नवरात्रों में होनी थी सगाई
मृतक के भाई आजाद ने बताया कि आवेश तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। नवरात्रों में उसकी सगाई होनी थी। परिवार ने लड़की देख रखी थी। मगर, उसके सिर पर सहरा सजने से पहले ही मौत उसको खींच ले गई।
बेटे की संगत को लेकर परेशान था पिता
इंस्पेक्टर क्वार्सी विनोद कुमार के अनुसार दरोगा विजय सिंह अपने बेटे की संगत को लेकर बेहद परेशान था। रात जब उसे सूचना दी गई तो उसने पहले तो आने से ही इंकार कर दिया। बाद में खबर पर मृत युवक के बाबा व अन्य परिजन यहां पहुंचे। इंस्पेक्टर के अनुसार दो दिन पहले महाराणा प्रताप गेट पर कथित एसओजी वाले बनकर हुई मारपीट मामले में भी इस युवक की भूमिका की जांच की जा रही थी।
यह दरोगा तीन साल पहले तक अलीगढ़ में ही तैनात थे। उस समय परिवार सहित यह युवक राजीव नगर में रहता था। बाद में आगरा चले गए। अब यह वापस अलीगढ़ आकर रहने लगे थे। मगर इस युवक का अलीगढ़ की अपनी संगत से मिलना जुलना बरकरार था।
युवक को जब नर्सिंग होम लाया गया तो उसे सीवीआर की जरूरत थी और मैं खुद वहां मौजूद नहीं था। स्टाफ ने देखते ही सीवीआर के लिए उसे मेडिकल कालेज ले जाने की सलाह दी। इसी बात पर कार सवारों ने विवाद खड़ा किया था और स्टाफ से अभद्रता की। इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई।
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-ट्रामा सेंटर संचालक

पोस्टमार्टम हाउस पर जमा भीड़ व विलाप करते परिजन।- फोटो : CITY OFFICE

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