अलीगढ़ के डीएम विशाख जी ने कलेक्ट्रेट के सभी पटलों पर ई-आफिस प्रणाली को लागू कर दी है। ई-आफिस से कार्य में तेजी आने के साथ ही पारदर्शिता से काम हो सकेगा और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। इस प्रणाली से समय की बचत होगी।
यूपी सरकार सरकारी कामकाज को पूरी तरह से ई-आफिस के जरिए करने में जुटी हुई है। शासन के बाद अब जिलों में ई-आफिस व्यवस्था लागू की जा रही है। डीएम विशाख जी ने कलेक्ट्रेट के सभी पटलों पर ई-आफिस प्रणाली को लागू कर दी है।
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अलीगढ़ केडीएम विशाख जी ने बताया कि ई-आफिस से कार्य में तेजी आने के साथ ही पारदर्शिता से काम हो सकेगा और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। इस प्रणाली से समय की बचत होगी। सरकारी कार्यालयों में जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखना आसान होगा। एक पटल से दूसरे पटल पर कम्प्यूटर के माध्यम से फाइलों का आदान-प्रदान होगा। डीएम किसी भी पत्रावली की स्वयं कंप्यूटर के माध्यम से मॉनिटरिंग कर सकेंगे। एडीएम न्यायिक एवं नोडल अधिकारी अखिलेश कुमार ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से काफी आसानी होगी। ई-ऑफिस प्रणाली से कार्यालय के समस्त पत्र, फाइल संबंधित कार्य ऑनलाइन हो गए हैं। इससे दस्तावेज को हमेशा के लिए सुरक्षित रखने में मदद तो मिलेगी ही, फाइल और पत्र खोजने में आसानी होगी और साथ ही समय की भी बचत होगी।
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ई-ऑफिस ऐसे करेगा काम
ईडीएम मनोज राजपूत ने बताया कि ई-ऑफिस का प्रयोग करने के लिए कर्मचारियों के पास आई थ्री प्रोसेसर, विंडो-10 या उससे ऊपर का कम्प्यूटर होना चाहिए। इसके साथ ही 50 एमबीपीएस का इंटरनेट भी आवश्यक है। ई-ऑफिस का सॉफ्टवेयर एनआइसी के नेटवर्क पर बेहतर ढ़ंग से कार्य करता है। यदि एनआइसी का इंटरनेट नहीं है तो कर्मचारी को वीपीएन का नेटवर्क आवश्यक होता है। अधिकारी-कर्मचारी को ई-ऑफिस पर लॉग इन करने के लिए एनआइसी की ई-मेल आईडी और पासवर्ड होना आवश्यक है, जिसकी मैपिंग ई-ऑफिस पोर्टल पर की जाती है।
अधिकारी कर्मचारी को ई-ऑफिस से जुड़ी वेबसाइट को खोलकर एनआइसी की मेल आईडी से लॉगिन करना है, इसके बाद ई-फाइल पर जाना है। यदि कर्मचारी को कोई पत्र प्रेषित करना है तो कर्मचारी को रिसीट विकल्प क्लिक कर उस पत्र को अपलोड कर नोट पर अपना मंतव्य टाइप करना है और उसके बाद जिस अधिकारी को पत्र प्रेषित करना है उनका नाम सर्च कर ऑनलाइन भेजना है। अब पत्र सबंधित अधिकारी के इनबॉक्स में पहुंच गया है और सबंधित अधिकारी अपने कम्प्यूटर पर लॉगिन कर उस पत्र को अपने इनबॉक्स में देख सकते हैं।
पत्र का अवलोकन करने के उपरांत यदि उसे अधिकारी को अपने किसी वरिष्ठ अधिकारी का मंतव्य प्राप्त करना है तो प्राप्त कर सकते हैं अथवा अपने दिशा निर्देश अंकित करते हुए वापस उसी कर्मचारियों को पत्र प्रेषित कर दिया जाना है। उसके उपरांत वह पत्र फिर से कर्मचारी के इनबॉक्स में दिखाई देने लगता है और वह सबन्धित अधिकारी के दिशा-निर्देश का पालन करेगा।