फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्री के सामने अव्यवस्था या ठेकेदारों की गुटबंदी, सीएमएस को गंवानी पड़ी कुर्सी

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी सरकारी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को उसके पद से हटा दिया गया हो। दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके गुप्ता को उनके पद से हटा दिया गया है और उनके स्थान पर अस्पताल के ही बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एके सिंह को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। सीएमएस को हटाने के पीछे गत 29 मई को स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग के दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था को कारण माना जा रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक विभाग के ठेकेदारों की गुटबंदी और उसमें राजनीतिक दखल के चलते 29 मई की घटना ने सीएमएस को पद से हटाने की जमीन तैयार कर दी थी।
विज्ञापन

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग 29 मई को पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उसी दौरान एक महिला ने उनका पैर पकड़कर अपनी मां का उपचार कराने की गुहार लगाई थी। इस पर मंत्री ने भर्ती करने की बात कही थी। इसके बावजूद इमरजेंसी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने घायल महिला को उपचार देने के बदले कहीं और उपचार कराने की बात कहकर टरका दिया था। निरीक्षण के बाद लौट रहे स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग की नजर स्ट्रेचर पर पड़ी घायल महिला पर पड़ी, जिसे तब तक भर्ती नहीं किया गया था। इस पर वह खुद स्ट्रेचर को धक्का देकर इमरजेंसी की तरफ ले गए थे। इसके बाद ही बड़ी कार्रवाई होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीपी गुप्ता ने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद इस्लाम एवं फार्मासिस्ट धर्मेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी। सीएमओ ने भी डॉ. इस्लाम एवं धर्मेंद्र के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव से की थी। लेकिन डॉ. इस्लाम एवं धर्मेंद्र के बदले सीएमएस डॉ. बीपी गुप्ता पर ही गाज गिर गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि डॉ. एके सिंह मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किए गए है। फैसले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खूब चर्चा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें