कोरोना महामारी को लेकर प्रतिदिन होने वाली समीक्षा बैठक में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग पर डीएम बिफर पड़े। अतरौली सीएचसी और दीनदयाल अस्पताल में नगर विकास विभाग के सचिव के निरीक्षण के दौरान मिली गंदगी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही बताया कि स्वयं एक मरीज ने सीएचसी का बाथरूम गंदा होने की शिकायत की थी। दो दिन के अंदर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराकर हर रोज फॉलोअप लिया जाए। सैनिटाइजिंग का काम हर दिन जारी रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि नोडल अधिकारी द्वारा एल-1 अस्पताल सीएचसी अतरौली के निरीक्षण के दौरान मरीजों से बात करने पर बाथरूम की समस्या संज्ञान में आई। इसके बाद एल-1 एवं एल-2 अस्पतालों में नियमित बेडशीट बदलना, साफ-सफाई, खाने-पीने की व्यवस्था तथा बाथरूम की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जनपद के एल-2 अस्पतालों में ऐसे मरीज जिन्हें भर्ती हुए 12 दिन हो गए तथा उनमें हल्के लक्षण हैं, तो उनका सैंपल लेकर ट्रूनॉट मशीन पर जांच करा ली जाए और रिपोर्ट के आधार पर डिस्चार्ज किया जाए। इसी प्रकार एल-1 अस्पताल में मरीजों को भर्ती की तारीख से 10 दिन पूरे हो गए हों तथा उनमें किसी प्रकार के कोई लक्षण न हो, अंतिम तीन दिवस के दौरान बुखार न हो एवं उनका एसपीओ 94 अथवा 94 से अधिक न हो तो उन्हें डिस्चार्ज करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश हैं कि आईएलआई, एसएआरआई एवं डायलिसिस के मरीजों की निजी अस्पतालों से निर्धारित प्रारूप पर सूची प्राप्त कर सैंपलिंग कराई जाए। जिन लोगों की जांच रिपोर्ट नहीं आई है वह रिपोर्ट आने तक होम क्वारंटीन रहेंगे।
मृत्यु से पहले कोरोना जैसे लक्षण तो कोविड-19 नियमों से होगा अंतिम संस्कार
जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे मरीज जिनमें कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं। मगर, उनकी रिपोर्ट आने या सैंपल होने से पूर्व ही उपचार के दौरान मौत हो जाती है तो उसका अंतिम संस्कार कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत कराया जाएगा। जिला प्रशासन या पुलिस को जानकारी देने की जिम्मेदारी इलाज कर रहे डाक्टर और परिवार की होगी।