शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए छात्रवृत्ति योजना में दिव्यांग छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इनमें प्री मैट्रिक के लिए 15 नवंबर, पोस्ट मैट्रिक एवं टॉप क्लास छात्रवृत्ति के लिए 30 नवंबर अंतिम तारीख है।
जानकारी देते हुए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी वीपी सत्याथी ने बताया कि छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित होने के लिए प्री मैट्रिक दिव्यांग विद्यार्थियों को किसी राजकीय, केन्द्र या राज्य सरकार के मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पूर्णकालिक रूप से अध्ययनरत होना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में संबंधित पाठ्यक्रमों के लिए यह छात्रवृत्ति देय नहीं होगी। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड, विद्यालय से हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही इसके आवेदन के पात्र होंगे। परास्नातक डिग्री, डिप्लोमा प्रमाण पत्र के छात्र इस योजना से आच्छादित किये जाएंगे। स्नातक पूर्ण कर विद्यार्थी यदि स्नातक स्तर का द्वितीय पाठ्यक्रम कर रहे हो तो वह इस योजना से आच्छादित नहीं होगे। जो विद्यार्थी एक से अधिक पाठ्यक्रम कर रहे हैं, उन्हें किसी एक पाठ्यक्रम योजना में लाभ देय है। पत्राचार के माध्यम से अथवा दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से अध्ययनरत विद्यार्थी भी इस योजना के तहत पात्र हैं। उन्होंने बताया कि प्री मैट्रिक, एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए दिव्यांग विद्यार्थियों के अभिभावकों की सभी स्रोतों से अधिकतम आय 2.50 लाख रुपये वार्षिक एवं टॉप क्लास छात्रवृत्ति के लिए दिव्यांग के अभिभावकों की सभी स्त्रोतों अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक निर्धारित है।
उन्होंने बताया कि यह छात्रवृत्ति प्री मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं टॉप क्लास में अध्ययनरत ऐसे भारतीय दिव्यांग छात्र-छात्राओ के लिए ही अनुमन्य हैं, जोकि 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि एक अभिभावक के 2 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थी इस योजना से आच्छादित नहीं होंगे। छात्रवृत्ति केवल एक शैक्षणिक वर्ष के लिए देय होगी। यदि विद्यार्थी कक्षा में अनुत्तीर्ण होता है तो उसे उसी कक्षा के लिए छात्रवृत्ति देय नहीं होगी। जो विद्यार्थी अन्य किसी स्त्रोत से छात्रवृत्ति अथवा स्टाइपेड प्राप्त कर रहे है, उन्हें यह सुविधा अनुमन्य नहीं है। इसके साथ ही ऐसेे विद्यार्थी जो किसी अन्य ऐसे पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र से जो राज्य सरकार या केन्द्र सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं, में प्रशिक्षण या कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें यह छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी।
शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में दिव्यांगों से मांगे आवेदन
अलीगढ़। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजन शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत दिव्यांगों से आवेदन मांगे गए हैं। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि विवाहित जोड़े में से यदि पति दिव्यांग है तो 15 हजार रुपये, पत्नी दिव्यांग है तो 20 हजार रुपये तथा पति पत्नी दोनों के दिव्यांग होने पर 35 हजार रुपये प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में प्रदान किये जाते हैं।
उन्होंने बताया कि शादी के समय युवक की आयु 21 से 45 वर्ष एवं युवती की आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। साथ ही दंपती में से कोई आयकर दाता न हो तो वे योजना के तहत पात्र है। उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रदत्त दिव्यांगता प्रमाणपत्र 40 प्रतिशत से कम न हो, गत एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में हुई शादी वालेे दंपती योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।