जिले में वक्फ बोर्ड की जमीनों को लेकर चल रहे विवादों की सुनवाई के लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की दो सदस्यीय टीम लखनऊ से अलीगढ़ आई। दोनों सदस्यों ने माल गोदाम स्थित मुसाफिर खाना में सुनवाई की। सूचना मिलने पर तैमूर अली भी वहां पहुंचे। तैमूर अली ने बताया कि वक्फ बोर्ड के मुबीन अहमद और एक अन्य सदस्य को उन्होंने अपना मांग पत्र दिया। सदस्यों ने उनसे ऑनलाइन शिकायत करने की सलाह दी है।
बादशाह अकबर से जंग के बाद लाल सिंह बने थे लाल खां
बासित अली खां के वंशज तैमूर अली खां ने बताया कि उनके पूर्वज भगवान राम के पुत्र लव के वंशज थे। इसलिए उनका राजपूत खानदान है। उनके पूर्वज लाल सिंह का राजघराना था। बादशाह अकबर के काल में मुगलों से जंग के बाद लाल सिंह धर्म परिवर्तन कर लाल खां बने थे। तभी से उनका परिवार राजपूत मुसलमान कहलाता है। उनकी वंशावली का सिजरा तैयार है, जिसमें भगवान राम के पुत्र लव के वंशज होने का प्रमाण है। यह वंशावली अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में भी उपलब्ध है।
वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे रोके प्रशासन : गुल सनोवर
शहर के फफाला दवाई बाजार की वक्फ संपत्तियों की सचिव गुल सनोवर का कहना है कि एक ओर जहां प्रदेश सरकार वक्फ की जमीनों को लेकर गंभीर है वहीं, जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड ने उनकी कमेटी के सदस्य को इन जमीनों की देखरेख के लिए मुतवल्ली नियुक्त किया है, लेकिन कुछ लोग उन जमीनों से अपने अवैध कब्जे नहीं हटा रहे। इस संबंध में प्रशासन से शिकायत भी की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।