फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ः गणेश-महालक्ष्मी पूजन आज, शाम 8:03 से साढ़े 12 बजे का है मुहूर्त

विज्ञापन
पंडित हृदय रंजन शर्मा। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
आज (बृहस्पतिवार) दीपावली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। गणेश-महालक्ष्मी का पूजन कर श्रद्धालु दीपदान करेंगे। वहीं बच्चे और युवा दीपावली का जश्न आतिशबाजी से मनाएंगे। गणेश-महालक्ष्मी पूजन के लिए आज शाम 8:03 से लेकर साढ़े 12 बजे तक मिथुन व कर्क लग्न का मुहूर्त मिलेगा। इस दौरान दीपावली पूजन करना सर्वोत्तम रहेगा। इससे पहले वृषभ लग्न में राहू की दशा रहेगी। इसीलिए आठ बजे के बाद दीपावली पूजा कर सकते हैं, जबकि व्यापारियों के लिए धनु लग्न का मुहूर्त सुबह 9:49 से लेकर 11:53 तक रहेगा।
विज्ञापन

श्री गुरू ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि दीपावली पर सुबह 7:41 बजे चित्रा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद स्वाति नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। इस दिन वाहन लेनदेन, उद्योग कर्म, सोना-चांदी आभूषण की खरीदारी, दुकानदारी, चित्रकारी, शिक्षा कार्य. स्कूल संचालन, ट्यूशन कोचिंग सेंटर, शृंगार प्रसाधन, सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं, फैंसी वस्त्र, आभूषण खरीदना शुभ फलदायक रहेगा। इस दिन सुबह 9:49 से लेकर 11:53 तक धनु लग्न रहेगी। लग्न में लाभेश शुक्र रहेंगे। गुरू धन स्थान में शनि के साथ होने से पूरे वर्ष व्यापारियों के लिए धन वृद्धि कारक है। इस दिन दोपहर में डेढ़ बजे से तीन बजे तक राहुकाल रहेगा। जो हर कार्य के लिए सबसे खराब समय रहेगा। वृषभ लग्न एवं प्रदोषकाल पूजा का मुहूर्त शाम 6:10 से रात्रि 8:03 तक रहेगा। दीपावली के दिन गुरुवार की रात्रि वृष लग्न में बैठा राहू रोजगार, धंध-पानी, कारोबार में दिक्कत परेशानियां पैदा करेगा। मिथुन लग्न रात्रि 8:03 से रात्रि 10:17 तक रहेगी। जिसमें लाभ, उद्वेग के दो चौघड़िया मुहूर्त मिलेंगे। जो सभी तरह के काम धंधे करने वालों के लिए शुभ फल प्रदान करेंगे। लग्न पर शनि का सीधा प्रभाव उद्योग संचालकों के लिए शुभ रहेगा। इस समय में पूजा करने से माता लक्ष्मी की कृपा रहेगी, जबकि कर्क लग्न (निशीथ काल) रात 10:17 से मध्य रात्रि 12:35 तक रहेगी। इस समय उद्देग का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा। इस समय को निशीथ काल माना जाएगा। निशीथ काल की व्याप्ति में दीपावली पूजन अत्यंत सुखद माना जाता है।
यह हैं दीपावली पूजन और दिन के शुभ लग्न मुहूर्त
-धनु लग्न
-सुबह 09:49 से दोपहर 11:53 तक रहेगी। लग्न में लाभेश शुक्र रहेंगे और गुरु धन स्थान में शनि के साथ होने से पूरे वर्ष भर व्यापारियों के लिए धन वृद्धि कारक है। इस दिन राहुकाल दोपहर 1:30 से दोपहर 3:00 बजे के बीच रहेगा। जो हर कार्य के लिए जो हर कार्य के लिए अत्यंत खराब माना जाएगा। चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार उद्वेग, चर, लाभ, अमृत काल और शुभ के छह चौघड़िया मुहूर्त क्रम से इस दिन मिलेंगे, जिनमें चर, लाभ, शुभ के तीनों चौघड़िया मुहूर्त खुशहाली लाएंगे।
विज्ञापन

-मकर लग्न
दोपहर 11: 53 से दोपहर 01:37 तक मकर लग्न में लग्नेश शनि स्वयं बलवान होकर बैठा है और लाभेश (एकादश भाव) में बैठा है। नीच का सूर्य, बुद्ध, चंद्र और मंगल का अद्भुत संयोग विशेष लाभ उन्नति का सूचक है। इसमें जुआ-सट्टा, चोरी चकारी, धोखेबाजी का काम करने वाले लोगों के लिए पूजा पाठ करना सही है। क्योंकि नीच के और पापी ग्रह इन्हीं लोगों को शुभ फलदायक सिद्ध होते हैं। बाकी लोग इससे बचने की कोशिश करें।
-कुंभ लग्न
-दोपहर 01:37 से दोपहर 3:06 तक कुंभ लग्न रहेगी। कुंभ लग्न में लग्नेश व्यय भाव में होने के कारण रोजगार कारोबार में व्यय अधिक होने की संभावना बनी रहेगी। भाग्य भाव में नीच के सूर्य के साथ बुद्ध, चंद्र और मंगल का योग भाग्य उन्नति विकास में अत्यंत बाधाकारक माना जाएगा। विशेष रूप से श्री गणेश-लक्ष्मी त्रिदेव, परमशक्ति, नवग्रह, कुबेर भंडारी, रिद्धि-सिद्धि सहित बही, बसना खाता, कलम-दवात का पूजन करने से यह कारोबार करने वाले लाभ उन्नति की ओर अग्रसर होते रहेंगे। इस लग्न में लोहा-स्टील, कांच, कबाड़ा, तेल, कोयला, मैटल, मशीनरी उद्योग, कलपुर्जे, पार्ट्स, खनिज पदार्थों शनि से संबंधित कार्य करने वाले व्यक्तियों के लिए यह मकर लग्न, कुम्भ लग्न से अति उत्तम लाभकारी उन्नति दायक मानी जाएगी।
-मीन लग्न
-दोपहर 3:06 से सांय 5:33 तक मीन लग्न रहेगी। इसमें अमृत का चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेगा। इससे वर्ष भर इस समय में पूजा करने वाले लोगों की कार्यशैली में लाभ उन्नति बनी रहेगी। इस लग्न में स्कूल, कॉलेज, स्टेशनरी, किताब-कॉपी, कोचिंग, ट्यूशन सेंटर का कार्य करने वाले लोगों के लिए यह समय सर्वोत्तम माना जाएगा।
-मेष लग्न (गोधूलिबेला)
शाम 5:33 से 6:10 तक लक्ष्मी पूजन वाले दिन सांयकाल के समय यह लग्न रहेगी। मेष लग्न में ही गोधूलि बेला रहेगी और प्रदोष काल सांयकाल 05:24 से शुरू होगा। दीपावली पूजन के लिए पूरे दिन का यह अति उत्तम समय कहा जा सकता है। इसी लग्न में गोधूलि बेला का प्रभाव तथा प्रदोष के उत्तम समय का समागम असफलता के मध्य सफलतादायक औ उन्नतिदायक रहेगा। इस लग्न में पूजन करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। इस दौरान बिल्डिंग मैटेरियल काम करने वाले, डॉक्टर, वैध, जर्नल स्टोर, हलवाई, खाद्य पदार्थ, हार्डवेयर, पुलिस, सेना, एजेंसी, परचून विसायती, तारकोल, भूमि भवन से संबंधित कार्य करने वाले व्यक्ति, प्रॉपर्टी एवं रियल स्टेट के कार्य करने वाले व्यक्ति एवं खनिज लवण रसायन से संबंधित व्यक्ति इस लग्न में पूजा पाठ करके अत्यंत शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।
वृषभ लग्न एवं प्रदोषकाल पूजा का मुहूर्त
शाम 06:10 से रात्रि 08:03 वृषभ लग्न रहेगी। वृष लग्न में बैठा राहू रोजगार, धंधापानी, कारोबार में दिक्कत परेशानियां पैदा करेगा। दीपावली की रात्रि वेला में लाभ, उद्वेग शुभ, अमृत और चर के पांच विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त रात्रि 1:47 तक शुभ-लाभ उन्नति फलदायक रहेंगे। ‘प्रदोष’ के समय उद्योग के चौघड़िया मुहूर्त की गति मनोकामना पूर्ति में सहायक बनेंगी। लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल को पूर्वाचार्यों ने सर्वश्रेष्ठ माना है। प्रदोष के अधिपति भगवान आशुतोष भगवान भोलेनाथ शंकर सब तरह की सुख समृद्धि प्रदान करने वाले देवता माने गए हैं। इस लग्न में ज्वैलर्स, जवाहरात का काम करने वाले लोग, सौंदर्य प्रसाधन, टीवी, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन का काम करने वाले व्यक्ति, शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट से संबंधित एवं विलासिता हाई-फाई काम करने वाले व्यक्ति, संचार क्षेत्र, मोबाइल केबल नेटवर्क कार्य करने वाले लोग, वाहन की एजेंसी वाले लोग इस समय में पूजा पाठ करने से पुण्यलाभ के भागी बनेंगे।
मिथुन लग्न
-रात 8:03 से रात्रि 10:17 तक मिथुन लग्न रहेगी। इस दौरान लाभ, उद्देग के दो चौघड़िया मुहूर्त रहेंगे। जो किस की सभी तरह के काम धंधे करने वालों के लिए शुभ फल प्रदान करेंगे। लगन पर शनि का सीधा प्रभाव उद्योग संचालकों को शुभ माना जाएगा। इस समय में पूजा करने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी और उद्योग धंधे फलते फूलते नजर आएंगे। इस लग्न में होटल, रेस्टोरेंट, दवाओं की फार्मेसी, लकड़ी, टिंबर, रजाई गद्दे, लकड़ी के फैंसी सामान कार्य करने वाले व्यक्ति, डेयरी, उद्योग, दूध से बने खाद्य पदार्थो के काम करने वाले व्यक्तियों के लिए यह समय उत्तम रहेगा।
-कर्क लग्न (निशीथ काल)
- रात्रि 10:17 से मध्य रात्रि 12:35 तक कर्क लग्न रहेगी। इस समय उद्देग का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा। इस समय को निशीथ काल माना जाएगा। निशीथ काल में दीपावली पूजन अत्यंत सुखद माना जाता है। शुभ समय में पूजा करने तथा करवाने वाले लाभ उन्नति की ओर अग्रसर होते हैं। इस वर्ष रात्री में 12:39 से (सिंह लग्न) निशीथ काल प्रारंभ हो रहा है। जो रात्रि 1:39 मिनट तक रहेगा। यह समय घरेलू पूजन आदि के लिए सर्वोत्तम रहता है। इसमें अधिकतर लोग अपने घरों की पूजा करते हैं। निशीथ काल में समुद्र मंथन के समय माता लक्ष्मीजी का प्रादुर्भाव हुआ था। इसलिए इस समय को सभी विद्वान आचार्य अत्यंत श्रेष्ठ मानते हैं। तांत्रिक एवं सिद्धि करने वाले लोगों के लिए यह समय रामबाण का काम करता है। इस समय में श्रीगणेश, महालक्ष्मी, इंद्र, कुबेर, भंडारी, रिद्धि-सिद्धि शक्तियों सहित ब्रह्मा, विष्णु, महेश, नवग्रह मंडल देवताओं आदि की पूजा करें।
--
यह है दीपावली की पूजन विधि
- सूर्योदय के समय उठकर घर की धुलाई करें। घर में बंधनवार लगाएं। पूजा घर को साफ करें। यहां पर नया लाल, गुलाबी, पीला, हरा, नीला, केसरिया रंग में से कोई एक रंग का कपड़ा बिछाकर चित्र, कैलेंडर लगाएं। मिट्टी के लक्ष्मी गणेश के साथ हनुमानजी की स्थापना करें। घर में रंग बिरंगी रंगोली बनाएं व घर में पूजा घर में रंग बिरंगी सुंदर झालरें, लाइट लगाएं। फिर अपने मनचाहे मुहूर्त में सर्वप्रथम स्वस्तिवाचन कलश पूजन संकल्प कर श्रीगणेश लक्ष्मी, रिद्धि-सिद्धि, इंद्र, कुबेर, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, कुल देवता, स्थान देवता, वास्तु देवता, एवं सूर्य, नवग्रह की पूजा के साथ बहीखाता, कलम दवात, रोकड़ पूजन करें। श्री सूक्त और लक्ष्मी सूक्त का पाठ करना अत्यंत लाभकारी रहता है। लक्ष्मी कुबेर का मंत्र जाप, विष्णु मंत्र की माला जाप, गुरु मंत्र का जाप करें। नशाखोरी, वायदा कारोबार, एमसीएक्स, तेज वाहन चलाने, गलत कार्य करने से बचें। पूजा करने से पहले घरों की दीवारों और दरवाजों की ऊपर सिंदूर या रोली से शुभ-लाभ, राम राम, जय श्री राम, श्री गणेशाय नम: और के शुभ चिह्न बनाएं। लक्ष्मीजी जहां संतुष्ट हो जाती हैं। वहां प्रभावित होकर धन संपत्ति और सुख समृद्धि व हर प्रकार के धन वैभव में विशेष उन्नति व लाभ करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें