आंकड़ा चौकाने वाला और खतरनाक है। जब मार्च, अप्रैल और मई के महीने में लॉकडाउन लागू रहा तो इस ढाई महीने में अपने जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 160 तक सीमित रही। मगर अब लॉकडाउन खुले बीस दिन बीते हैं कि संक्रमित संख्या 200 पार कर गई है। संक्रमण इस तेज गति से बढ़ रहा है कि हर दिन 10 और बीस तक मरीज मिल रहे हैं। बावजूद इसके बाजारों में उमड़ती भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा नियमों की अनदेखी इस बात की गवाही दे रही है कि लोगों को शायद अपने घर कोरोना पहुंचने का इंतजार है। बल्कि यह आंकड़े बता रहे हैं कि अब लोगों को और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
यह आंकड़े जिला प्रशासन की सूची से हैं, जिसमें हर दिन टेबिल बनाई जा रही है। 22 मार्च से 31 मई तक करीब ढाई महीने लॉकडाउन लगा रहा। लोगों को पुलिस प्रशासनिक मशीनरी ने सख्ती के बल पर घरों में कैद रखा। इस दौरान संक्रमण फैला मगर वह सीमित रहा और संख्या 160 तक ही पहुंच सकी। मगर अब जिस दिन से अनलॉक 1 और 2 लागू हुआ है। उस दिन से संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इन बीस दिन में संक्रमण संख्या 200 से अधिक पहुंच गई है।
कुछ इलाकों में 7 बजे बाद भी सज रही दुकानें
दिन में तो लोग सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा नियमों को ताक पर रखे ही हुए हैं। आलम यह है कि कुछ इलाकों में रात को भी यही हालात है। हम अगर जिला अस्पताल और मेडिकल रोड के इलाकों में रात को जायजा लें तो यहां गलियों में कुछ खाने पीने की दुकानें रात 11 बजे के बाद तक खुली दिखाई देती हैं और यहां लोगों का मजमा लगा रहता है।
डीएम आवास में 61 में से 3 संक्रमित
डीएम आवास के 61 कर्मचारियों की कोरोना जांच कराई गई थी। इनमें से करीब 32 होमगार्ड, 10 सुरक्षाकर्मी और बाकी बाबू व अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इनमें से 3 संक्रमित पाए गए हैं। इसके चलते डीएम आवास स्टाफ में खलबली मची हुई है। हालांकि वहां पहले से बेहद एहतियात बरता जा रहा था। अब और ज्यादा एहतियात की तैयारी है।
खैर तहसील में भी अफसरों में हड़कंप
खैर तहसील में शुक्रवार को एक बाबू संक्रमित पाया गया था। इसके बाद शनिवार को वहां सैनिटाइजेशन कराया गया और तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित कस्बे में करीब 20 सैंपल कराए गए हैं।